Suvendu Adhikari PA Murder : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की आग में झुलस उठा है। बुधवार (6 मई) की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में विपक्ष के नेता और भाजपा के दिग्गज चेहरा शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से कोलकाता के लिए रवाना हो गए हैं।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
पूर्वी मेदिनीपुर के मूल निवासी चंद्रनाथ रथ केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि शुभेंदु अधिकारी के दाहिने हाथ माने जाते थे। वे दशकों से अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और शुभेंदु के तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के समय भी उनके साथ डटे रहे। वर्तमान में वे विपक्ष के नेता के ‘कार्यकारी सहायक’ (Executive Assistant) के रूप में तैनात थे। अधिकारी के चुनावी अभियानों से लेकर प्रशासनिक कार्यों तक, चंद्रनाथ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहती थी।
बीच सड़क पर घेरकर बरसाईं गोलियां
वारदात उस वक्त हुई जब चंद्रनाथ रथ काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, दोहरिया के पास सार्वजनिक सड़क पर बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें रोका। बताया जा रहा है कि हमलावर काफी देर से उनके वाहन का पीछा कर रहे थे। जैसे ही उनकी कार एक ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी, हमलावरों ने बेहद करीब से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। चंद्रनाथ को कुल चार गोलियां मारी गईं, जिनमें से एक उनके सिर, एक सीने और एक पैर में लगी।
हमले में साथी बुद्धदेव भी घायल
इस प्राणघातक हमले के वक्त चंद्रनाथ के साथ यात्रा कर रहे बुद्धदेव भी गोलियों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने आनन-फानन में दोनों को पास के ही ‘डायवर्सिटी नर्सिंग होम’ पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। बुद्धदेव का फिलहाल उसी अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं
शपथ ग्रहण की तैयारियों में जुटे थे चंद्रनाथ
हैरानी की बात यह है कि हत्या वाले दिन ही चंद्रनाथ रथ कोलकाता स्थित राज्य विधानसभा में थे। वे आगामी शनिवार को होने वाले नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रशासनिक और रसद संबंधी तैयारियों का प्रबंधन देख रहे थे। इस समारोह में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री जैसे दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे महत्वपूर्ण दिन से ठीक पहले उनकी हत्या ने कई गहरे संदेह पैदा कर दिए हैं।
पुलिस जांच और राजनीतिक पृष्ठभूमि
उत्तर 24 परगना पुलिस ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। हालांकि हत्या के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन जिस सटीकता और योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया है, वह इसे रैंडम हिंसा के बजाय एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करता है। गौरतलब है कि मध्यमग्राम सीट पर तृणमूल कांग्रेस के रथिन घोष ने भाजपा की कड़ी चुनौती के बीच 2,399 मतों से जीत हासिल की है। भाजपा ने इस घटना को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।



