- चाईबासा कोर्ट का सख्त फैसला, पीड़िता को डरा-धमकाकर किया गया था दुष्कर्म
Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपित सुमन गोप को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय Santosh Anand की अदालत ने उसे 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
2022 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 19 नवंबर 2022 को कांड संख्या-172/2022 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि सुमन गोप ने एक नाबालिग बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद Jharkhand Police ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्यों को एकत्र किया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर फैसला
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पीड़िता का बयान, चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। इन ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अदालत का सख्त संदेश
अदालत के इस फैसले को समाज में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में कानून दोषियों को बख्शने के मूड में नहीं है।
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