- फायरिंग कर की गई थी हत्या, तीन अन्य आरोपित साक्ष्य के अभाव में बरी
Palamu: जिला व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश Akhilesh Kumar की अदालत ने हत्या के एक मामले में आरोपी मनोज यादव उर्फ मुन्ना यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
फायरिंग कर की गई थी हत्या
मामले के अनुसार, चैनपुर थाना क्षेत्र के टेमरी निवासी उज्ज्वल कुमार टिडू ने अपने गांव के मनोज यादव, प्रदीप यादव, सनोज यादव और नरेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 10 जुलाई 2022 को सभी आरोपितों ने सुजन्ती देवी और आनंद मसीह टिडू के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
तालाब विवाद से शुरू हुआ मामला
घटना की जड़ तालाब में मछली छोड़ने को लेकर हुए विवाद में थी। आरोप है कि आरोपी सूचक के तालाब पर जबरन कब्जा करना चाहते थे। 23 अगस्त 2022 को दोपहर करीब तीन बजे मनोज यादव ने आनंद मसीह टिडू पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें Ranchi ले जाया जा रहा था, लेकिन कुडू में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
11 गवाहों की गवाही, दो प्रत्यक्षदर्शी शामिल
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों की गवाही कराई गई, जिनमें दो प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल थे। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने मनोज यादव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
तीन आरोपित साक्ष्य के अभाव में बरी
अदालत ने अन्य तीन आरोपितों—प्रदीप यादव, सनोज यादव और नरेश यादव—को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। लोक अभियोजक Pushpa Sinha ने बताया कि मामले में सूचक का जाति प्रमाण पत्र संलग्न नहीं होने के कारण एससी/एसटी एक्ट के तहत सजा नहीं दी जा सकी।
Also Read: Jharkhand News: गिरिडीह में बस-कार की जोरदार टक्कर, दो की मौत, पांच घायल



