JPSC Merit Scam : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित मेधा घोटाले की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को सीआईडी (CID) और पलामू पुलिस (Palamu Police) की संयुक्त टीम ने जिले में दो आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (Electronic Devices) और दस्तावेज ( Documents) जब्त किए। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से पूरे मामले के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
दो आरोपियों के घरों की गहन तलाशी
सीआईडी की टीम ने मेदिनीनगर के हमीदगंज स्थित बीएन कॉलेज के समीप रहने वाले आरोपाी संतोष कुमार सिंह के आवास और नौडीहा बाजार स्थित उनके पैतृक घर की तलाशी ली। वहीं दूसरे आरोपी रविशंकर कुमार के बारालोटा, हनुमान नगर स्थित आवास पर भी कई घंटे तक सर्च अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन्हें फोरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा।
फोरेंसिक जांच के बाद होगी अगली कार्रवाई
संयुक्त अभियान में सदर एसडीपीओ (SDPO) राजेश यादव, विश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीव मंडल, छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के अलावा सीआईडी की विशेष टीम शामिल रही। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई। पलामू के पुलिस अधीक्षक (Palamu SP) कपिल चौधरी ने बताया कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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दलाल नेटवर्क और परीक्षा एजेंसी भी जांच के दायरे में
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीआईडी अब केवल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी कथित दलाल नेटवर्क, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) से जुड़े लोगों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल कर रही है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि जब्त किए गए लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस से कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की संभावना है।
15 ठिकानों पर एक साथ हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि सोमवार को सीआईडी ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद समेत झारखंड के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से जुटाए गए तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे कथित मेधा घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे।
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