Basukinath Rush : सावन की पहली सोमवारी पर विश्व प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ धाम आस्था के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। तड़के सुबह से ही हजारों शिवभक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लग गईं। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी जयघोष से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।
बाबा बैद्यनाथ के बाद बासुकीनाथ में उमड़े श्रद्धालु
सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर निकले कांवरिये पहले देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण कर रहे हैं। इसके बाद वे अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करने के लिए बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पहली सोमवारी होने के कारण मंदिर परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखने को मिली।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की कड़ी निगरानी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए। पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सुबह से कंट्रोल रूम के माध्यम से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे। मंदिर परिसर और आसपास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि जलाभिषेक की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
अनुशासित कतारों में हुआ जलाभिषेक
भीड़ अधिक होने के बावजूद श्रद्धालु अनुशासन के साथ कतारबद्ध होकर बाबा के दरबार तक पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सतत निगरानी के कारण दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था पूरे दिन सुचारु रूप से चलती रही।
श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि पहली सोमवारी को लेकर सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रखा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी श्रद्धालु को दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। वहीं पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हर व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
श्रावण सोमवारी का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता है कि श्रावण मास की सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही आस्था देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं को हर वर्ष बाबा बासुकीनाथ धाम तक खींच लाती है।


