प्रशांत किशोर की मौजूदगी में भिड़े भाजपा और जदयू समर्थक, हंगामे के बाद तेजस्वी यादव का दौरा रद्द
Vaishali Raghopur Clash: बिहार के वैशाली जिले में भारी बवाल हुआ है। राघोपुर दियारा क्षेत्र में मातम पसरा हुआ था। नाव हादसे में 13 मासूम बच्चों की मौत हुई थी। भगतान टोला में दशकर्म कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान दो राजनीतिक गुट आपस में भिड़ गए हैं। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी वहां मौजूद थे। उनके सामने ही भाजपा और जदयू समर्थक भिड़ गए थे। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले हैं। इस झड़प में जदयू नेता अजीत यादव घायल हो गए हैं। उनके सिर और नाक पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है।
Vaishali Raghopur Clash: नाव हादसे की जांच की मांग उठाने पर भड़का विवाद
दशकर्म कार्यक्रम के दौरान अचानक विवाद भड़क उठा था। प्रशांत किशोर पीड़ित परिवारों से मिलकर संवेदना जता रहे थे। उसी समय जदयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव पहुंचे थे। उन्होंने प्रशांत किशोर से हादसे की जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने अवैध नाव संचालन का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने इसके लिए पूर्व मुखिया गगन राय को घेरा था। उन्होंने ईंट-भट्ठे के लिए अवैध खनन का भी आरोप लगाया था। यह सुनते ही पूर्व मुखिया के समर्थक भड़क गए थे।
Vaishali Raghopur Clash: मारपीट में फटे कपड़े, घायल जदयू नेता को पटना रेफर किया गया
जांच की मांग पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि गगन राय के समर्थकों ने हमला कर दिया था। अजीत यादव को लाठी और डंडों से पीटा गया था। मारपीट के दौरान उनके कपड़े तक फट गए थे। हमले में घायल होकर अजीत यादव जमीन पर गिर पड़े थे। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाया था। उन्हें तुरंत फतेहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया है।
बवाल और तनाव के चलते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का दौरा हुआ रद्द
राघोपुर में हुई झड़प की गूंज पटना तक पहुंच गई है। स्थानीय विधायक तेजस्वी यादव का दौरा तय था। वे पीड़ित परिवारों से मिलने राघोपुर आने वाले थे। लेकिन दशकर्म स्थल पर भारी बवाल हो गया था। हंगामे और मारपीट के बाद उनका दौरा रद्द कर दिया गया है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।
इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती, शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। भगतान टोला में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों से शांति की अपील कर रहे हैं। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। घटना से जुड़े वीडियो फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस की टीम लगातार पूरे क्षेत्र में गश्त कर रही है।
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