कुजू के श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में घटना को लेकर अलग-अलग दावे, फैक्ट्री इंस्पेक्टर राहुल कुमार ने किया निरीक्षण
Shriram Plant में भट्ठी विस्फोट को लेकर सामने आई जानकारी के बाद रामगढ़ जिले के कुजू स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में अधिकारियों ने जांच की। रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज के निर्देश पर कारखाना निरीक्षक राहुल कुमार ने प्लांट पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। अग्निशमन विभाग के अधिकारी मंटू कुमार भी निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस बीच, प्लांट प्रबंधन ने घटना को तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ा मामला बताया है। हालांकि, प्रकाशित खबरों में भट्ठी में विस्फोट और चार मजदूरों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर जांच का निष्कर्ष महत्वपूर्ण है।
Shriram Plant में निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने जुटाई जानकारी
कारखाना निरीक्षक राहुल कुमार ने प्लांट पहुंचकर भट्ठी और उसके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने घटनास्थल की तस्वीरें भी लीं। इसके बाद उन्होंने अपनी ओर से स्थिति की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी। जांच के दौरान घटना के समय मौजूद कर्मचारियों से भी बातचीत की गई। प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया है। हालांकि, निरीक्षण के आधार पर घटना के सभी कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।
Shriram Plant: प्रबंधन ने वोल्टेज में उतार-चढ़ाव को बताया वजह
श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट के केजीएम रंजीत कुमार झा के अनुसार, शनिवार रात अचानक भट्ठी बंद हो गई थी। उस समय वहां काम कर रहे तीन से चार मजदूर घबरा गए। उन्होंने बताया कि बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण उपकरणों का सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया और भट्ठी की बिजली बंद हो गई। प्रबंधन का दावा है कि इससे संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया। हालांकि, इस दावे और घटना के अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के निष्कर्ष से ही हो सकेगी।
घबराहट में भागने के दौरान मजदूरों को लगी चोट
रंजीत कुमार झा के मुताबिक, भट्ठी अचानक बंद होने से मजदूरों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। वे घबराकर वहां से निकलने लगे। इस दौरान सीढ़ियों के आसपास कुछ मजदूरों को मामूली चोटें आईं। प्रबंधन ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। दूसरी ओर, 24 अक्टूबर को प्रकाशित खबरों में चार मजदूरों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। इसलिए घायलों की संख्या और चोटों की गंभीरता को लेकर आधिकारिक रूप से स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।
फैक्ट्री इंस्पेक्टर ने घायलों और घटनास्थल की जानकारी ली
निरीक्षण के दौरान कारखाना निरीक्षक राहुल कुमार ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लेने के साथ कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई। अग्निशमन विभाग के अधिकारी मंटू कुमार ने भी प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों की जांच में घटना के समय की परिस्थितियों, उपकरणों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहलू महत्वपूर्ण हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, निरीक्षण के बाद घटना के कारणों और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही थी। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी हादसों के कारण सवालों में रहा है प्लांट
श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में पहले भी दुर्घटना हो चुकी है। अगस्त 2026 में भट्ठी से जुड़ी एक घटना में गंभीर रूप से घायल मजदूर रमेश ठाकुर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद मजदूरों की सुरक्षा और प्लांट में एहतियाती इंतजामों को लेकर सवाल उठे थे। हाल की घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। हालांकि, हर घटना के कारण अलग हो सकते हैं। इसलिए मौजूदा मामले में निष्कर्ष जांच के तथ्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
प्रबंधन ने भ्रामक सूचना फैलने पर जताई आपत्ति
केजीएम रंजीत कुमार झा ने कहा कि घटना को लेकर ऐसी जानकारी फैली, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी। प्रबंधन का कहना है कि भट्ठी बंद होने के बाद सुरक्षा उपकरणों ने बिजली आपूर्ति रोक दी थी और किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हुआ। प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि प्राथमिक उपचार के बाद घायल मजदूरों को घर भेज दिया गया। हालांकि, प्रकाशित खबरों में भट्ठी विस्फोट और मजदूरों के घायल होने की बात कही गई थी। इसलिए घटना को पूरी तरह भ्रामक बताने से पहले जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों की पुष्टि जरूरी है।
जांच के निष्कर्ष से स्पष्ट होगी घटना की वास्तविक वजह
रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कारखाना निरीक्षक राहुल कुमार को जांच का निर्देश दिया था। निरीक्षण के बाद अधिकारियों तक घटनास्थल की जानकारी पहुंचाई गई। अब घटना के दौरान उपकरणों में आई गड़बड़ी, भट्ठी बंद होने की वजह और मजदूरों को लगी चोटों से जुड़े तथ्यों का स्पष्ट होना जरूरी है। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना भी अहम है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रबंधन के दावे और प्रकाशित खबरों में सामने आए विवरणों के बीच अंतर बना हुआ है। जांच की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
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