बरकाकाना के पोचरा में पेट पर कलश रख कर रहीं तपस्या, पांच राज्यों से जुटे श्रद्धालु
Rupa Devi Sadhana: झारखंड के रामगढ़ जिले में शारदीय नवरात्रि पर आस्था का अनूठा रूप सामने आया है। बरकाकाना क्षेत्र के पोचरा स्थित झोपड़ी टोला में एक महिला की कठिन साधना चर्चा में है। यहां की रूपा देवी लोहे की नुकीली कीलों पर लेटती हैं। वह इस सेज पर मां भगवती की उपासना कर रही हैं। इस कठिन साधना को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। दूर-दराज के इलाकों से लोग लगातार यहां पहुंच रहे हैं।
Rupa Devi Sadhana: नुकीली कीलों पर लेटकर पेट पर साधा कलश
नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के कई रूप दिखते हैं। रूपा देवी का तप देखकर लोग हैरान हैं। वह लकड़ी के तख्ते पर जड़ी नुकीली कीलों पर लेटती हैं। वह अपने पेट पर मिट्टी का भारी कलश भी रखती हैं। वह दिन-रात मां जगदंबा के ध्यान में लीन रहती हैं। शरीर पर कीलों की चुभन का उन्हें कोई डर नहीं है। वह घंटों इसी अवस्था में शांत बैठी रहती हैं। उनके चेहरे पर किसी तरह की पीड़ा नहीं दिखती।
Rupa Devi Sadhana: 12 साल की नियमित भक्ति और तीन साल से कठिन हठयोग
रूपा देवी की यह साधना अचानक शुरू नहीं हुई है। वह बीते 12 वर्षों से लगातार मां दुर्गा की पूजा कर रही हैं। पहले वह सामान्य रूप से व्रत और कलश स्थापना करती थीं। पिछले तीन वर्षों से उन्होंने यह कठिन मार्ग चुना है। वह हर नवरात्रि में कीलों की सेज पर लेटती हैं। इसी आसन में वह संपूर्ण अनुष्ठान पूरा करती हैं। परिवार का कहना है कि यह मां दुर्गा के प्रति उनका सच्चा समर्पण है।
पति राजेश राम ने साझा की साधना की अनकही दास्तान
रूपा देवी के इस अनुष्ठान में परिवार उनका पूरा साथ दे रहा है। उनके पति राजेश राम ने साधना से जुड़े कई पहलू साझा किए। राजेश राम ने बताया कि उनकी पत्नी की मां दुर्गा में गहरी आस्था है। वह 12 वर्षों से नियमित पूजा-पाठ कर रही हैं। बीते तीन साल से वह कील की सेज पर साधना कर रही हैं। राजेश राम ने कहा कि शुरुआत में परिवार को चिंता हुई थी। माता रानी की कृपा से उनके शरीर पर कोई खरोंच नहीं आती।
सास बंदनी देवी बोलीं, पांच राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु
इस अनोखी साधना की चर्चा अब पूरे देश में फैल रही है। रूपा देवी की सास बंदनी देवी ने इस बारे में विस्तार से बताया। बंदनी देवी के अनुसार उनका घर अब एक तीर्थ जैसा बन गया है। झारखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से भी भक्त आ रहे हैं। पांच राज्यों के श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बंदनी देवी ने कहा कि लोग मां के इस रूप को नमन करने आ रहे हैं। श्रद्धालु यहां आकर अपनी मन्नतें भी मांग रहे हैं।
झोपड़ी टोला में गूंज रहे जयकारे, भक्तिमय हुआ पूरा माहौल
बरकाकाना के झोपड़ी टोला में सुबह से रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। लोग कतारों में लगकर रूपा देवी के दर्शन कर रहे हैं। स्थानीय महिलाएं भक्ति गीत और भजन गा रही हैं। ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा इलाका गूंज रहा है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी मुराद पूरी होती है। लोग माता रानी को अगरबत्ती, नारियल और चुनरी चढ़ा रहे हैं। पोचरा का यह टोला आज गहरी आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है।
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