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Rooftop Solar: टाटा पावर की नई पहल, छह कड़ियों में समझाएगी सौर ऊर्जा के फायदे

घर-घर सोलर का संदेश पहुंचाने के लिए शुरू की ‘तेरी छत, मेरी छत!’ सीरीज

Rooftop Solar: जमशेदपुर। घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए टाटा पावर ने एक नई पहल की है। कंपनी ने ‘तेरी छत, मेरी छत!’ नाम से छह कड़ियों वाली डिजिटल लघु धारावाहिक श्रृंखला शुरू की है। इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा को केवल तकनीकी विषय तक सीमित रखने के बजाय आम परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना है। कंपनी ने इसके लिए मनोरंजन और पारिवारिक हास्य का सहारा लिया है। श्रृंखला में उन परिस्थितियों को दिखाया गया है, जिनका सामना बिजली की अनियमित आपूर्ति और बढ़ते बिजली बिल से परेशान परिवारों को करना पड़ता है।

Rooftop Solar के फायदे पारिवारिक कहानी के जरिए समझाने की कोशिश

इस लघु धारावाहिक की कहानी सिंह परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। परिवार का बेटा राघव हाल ही में घर से काम करने वाली नौकरी शुरू करता है। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहता है, लेकिन बार-बार बिजली कटने और अनियमित आपूर्ति के कारण उसके काम में परेशानी आने लगती है। इससे परिवार के सामने बिजली की बेहतर व्यवस्था करने की चुनौती खड़ी हो जाती है। बढ़ते बिजली बिल से भी परिवार परेशान है। ऐसे में सभी लोग मिलकर घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का फैसला करते हैं।

Rooftop Solar: छत की दीवार बनी कहानी का दिलचस्प मोड़

कहानी में संयुक्त परिवार की रोजमर्रा की परिस्थितियों को भी जगह दी गई है। सिंह परिवार की छत के बीच एक दीवार है। इसके अलावा छत के एक हिस्से पर पड़ने वाली छाया भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में चुनौती बनती है। ऐसे में दोनों परिवारों को मिलकर सोलर प्लांट लगाने की योजना बनानी पड़ती है। इस काम के लिए परिवार की दो बहुओं पुष्पा और कमला को अपने आपसी मतभेद भुलाकर साथ आना पड़ता है। पारिवारिक रिश्तों और हल्के-फुल्के हास्य के जरिए कहानी को आगे बढ़ाया गया है।

Rooftop Solar से जुड़े उपभोक्ताओं के सवालों पर भी जोर

श्रृंखला में केवल पारिवारिक मनोरंजन नहीं है। इसके माध्यम से छत पर सोलर प्लांट लगाने से जुड़े कई व्यावहारिक सवालों को भी उठाया गया है। आमतौर पर उपभोक्ताओं के मन में बारिश और तूफान के दौरान सोलर पैनलों की सुरक्षा को लेकर सवाल रहते हैं। इसके अलावा बिजली संग्रह करने के लिए बैटरी की जरूरत, बिजली बिल में संभावित बचत और सौर ऊर्जा संयंत्र के इस्तेमाल जैसे विषय भी इसमें शामिल किए गए हैं। कंपनी ने इन पहलुओं को आसान भाषा और रोजमर्रा के उदाहरणों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है।

देश के 700 से अधिक शहरों तक पहुंचा टाटा पावर सोलारूफ

टाटा पावर की यह पहल देश में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की उसकी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी के सोलारूफ कारोबार के तहत आवासीय घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर समाधान उपलब्ध कराए जाते हैं। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी के अनुसार, टाटा पावर सोलारूफ के तहत देशभर में 5.7 लाख से अधिक सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इनका नेटवर्क 700 से अधिक शहरों तक पहुंच चुका है। वहीं, कंपनी की रूफटॉप और वितरित सौर परियोजनाओं की स्थापित क्षमता लगभग 5.5 गीगावाट पीक से अधिक बताई गई है।

पीएम सूर्य घर योजना से भी मिल रहा सौर ऊर्जा को बढ़ावा

देश में घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार भी प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करना है। इसके तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाती है। वर्तमान निर्धारित मानकों के अनुसार, एक किलोवाट संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सब्सिडी का प्रावधान है। हालांकि, इसका लाभ निर्धारित पात्रता और योजना के नियमों के अनुसार ही मिलता है।

सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने से परिवार अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पूरा कर सकते हैं। इससे ग्रिड से खरीदी जाने वाली बिजली की मात्रा और बिजली बिल कम हो सकता है। वास्तविक बचत संयंत्र की क्षमता, धूप, बिजली की खपत और स्थानीय बिजली वितरण कंपनी के नियमों पर निर्भर करती है। नेट मीटरिंग की सुविधा होने पर अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने का विकल्प भी मिलता है।

छह एपिसोड में तैयार हुई पूरी डिजिटल श्रृंखला

‘तेरी छत, मेरी छत!’ का निर्माण बीसी वेबवाइज ने किया है। इसका निर्देशन रुखसाना तबस्सुम ने किया है। श्रृंखला में कुल छह कड़ियां हैं। प्रत्येक कड़ी की अवधि लगभग तीन मिनट रखी गई है। पूरी श्रृंखला करीब 17 मिनट की है। इसे फेसबुक, यूट्यूब शॉर्ट्स और इंस्टाग्राम पर देखा जा सकता है। इसके अलावा टाटा पावर के ‘घर-घर सोलर’ फेसबुक समुदाय पर भी इसे उपलब्ध कराया गया है।

तकनीकी जानकारी के बजाय मनोरंजन से जागरूकता का प्रयास

टाटा पावर के मुख्य कॉरपोरेट संचार एवं ब्रांडिंग अधिकारी ज्योति कुमार बंसल ने इस पहल को लेकर कहा कि आमतौर पर लोग छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के विषय को तकनीकी नजरिये से देखते हैं। ऐसे में कंपनी ने इसे भारतीय परिवारों के दैनिक जीवन और आपसी बातचीत का हिस्सा बनाने का प्रयास किया है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को भारी-भरकम जानकारी देने या उपदेश देने के बजाय मनोरंजन के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूक करना इस श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य है।

कंपनी को उम्मीद है कि पारिवारिक कहानी के जरिए सौर ऊर्जा से जुड़ी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगी। साथ ही, घरों में बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए स्वच्छ और टिकाऊ विकल्प अपनाने के प्रति लोगों की रुचि भी बढ़ेगी।

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