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Jamshedpur News: नाम्या स्माइल फाउंडेशन का ‘Beyond Boundaries’ एजुकेशन कॉन्क्लेव संपन्न

450 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, छह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से किया संवाद

Jamshedpur News: जमशेदपुर के होटल रैडिसन में नाम्या स्माइल फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘Beyond Boundaries’ लिबरल आर्ट्स एंड डिजाइन एजुकेशन कॉन्क्लेव भव्य रूप से संपन्न हुआ। संस्थापक कुणाल षाड़ंगी के नेतृत्व में आयोजित इस पूर्णदिवसीय शैक्षणिक सम्मेलन में जमशेदपुर और आसपास के विद्यालयों के 450 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर उच्च शिक्षा, लिबरल आर्ट्स, डिजाइन, ह्यूमैनिटीज और रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना था।

गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ उद्घाटन

कॉन्क्लेव का उद्घाटन झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और आईएएस अधिकारी राहुल कुमार पुरवार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम, पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतशाम वकारिब और नाम्या स्माइल फाउंडेशन के संस्थापक कुणाल षाड़ंगी उपस्थित रहे।

फाउंडेशन की ओर से कुणाल षाड़ंगी ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने, अपनी रुचि और क्षमता पहचानने तथा पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे सोचने के लिए प्रेरित किया।

बहुआयामी सोच और रचनात्मकता की बढ़ती जरूरत

टाटा स्टील के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदरा रामम ने कहा कि तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। कंपनियों को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनमें बहुआयामी सोच, रचनात्मकता और विभिन्न विषयों को समझने की क्षमता हो। उन्होंने कहा कि लिबरल आर्ट्स जैसी शिक्षा विद्यार्थियों की सोच और व्यक्तित्व को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पढ़ाई का विषय ही करियर तय नहीं करता : एसएसपी

पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी डॉ. एहतशाम वकारिब ने विद्यार्थियों से कहा कि जरूरी नहीं कि जिस विषय की पढ़ाई की जाए, उसी क्षेत्र में करियर भी बनाया जाए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने चिकित्सा की पढ़ाई की थी, लेकिन आज सिविल सेवा के माध्यम से देश और समाज की सेवा कर रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर पहचानने तथा भविष्य के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

उच्च शिक्षा में आर्थिक बाधा दूर करने का प्रयास : राहुल कुमार पुरवार

मुख्य अतिथि राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बदलती तकनीक और समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा प्रणाली और नई तकनीकों को अपना सकें।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है।

छह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने दी शैक्षणिक जानकारी

कॉन्क्लेव में देश के छह प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। इनमें शामिल रहे:

  • FLAME University

  • MIT World Peace University

  • KIIT (Kalinga Institute of Industrial Technology)

  • Ajeenkya DY Patil University

  • Alard University

  • Centurion University

प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को लिबरल आर्ट्स, डिजाइन, ह्यूमैनिटीज और अन्य उभरते क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया और करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। दिनभर इंटरैक्टिव सत्र, करियर काउंसलिंग और विषय आधारित चर्चाएं हुईं। विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछने और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाने का अवसर मिला।

संघर्ष और दृढ़ संकल्प से मिलती है सफलता : आर.के. अग्रवाल

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आर.के. अग्रवाल ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने सफलता हासिल की। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Kyndryl के डायरेक्टर इंदरजीत घोष ने ‘Beyond Boundaries’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को सही शैक्षणिक दिशा चुनने और करियर निर्माण में मददगार साबित हो सकते हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक शिप्रा मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

युवाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर देना लक्ष्य : कुणाल षाड़ंगी

नाम्या स्माइल फाउंडेशन के संस्थापक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि झारखंड के युवाओं में प्रतिभा और रचनात्मकता की कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें सही समय पर जानकारी, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की।

उन्होंने कहा कि राज्य के कई विद्यार्थी लिबरल आर्ट्स और डिजाइन जैसे उभरते शैक्षणिक क्षेत्रों की संभावनाओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। ‘Beyond Boundaries’ के माध्यम से फाउंडेशन देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और अनुभवी शिक्षाविदों को झारखंड के विद्यार्थियों के बीच लाने का प्रयास कर रहा है, ताकि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य का चुनाव कर सकें।

कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर झारखंड के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। फाउंडेशन भविष्य में भी शिक्षा, कौशल विकास और युवा सशक्तीकरण से जुड़ी पहल जारी रखेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में फाउंडेशन के सदस्यों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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