परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आम लोगों से मांगा सहयोग, CCTV से होगी केंद्रों की निगरानी
JTET 2026: रांची। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 को लेकर राज्य में तैयारियां तेज हो गई हैं। एक नवंबर को आयोजित होने वाली इस परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशेष अपील की है। उन्होंने राज्य के सभी अभ्यर्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
JTET 2026: परीक्षा की पारदर्शिता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करना है। इसके लिए जरूरी है कि राज्य में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं निष्पक्ष माहौल में संपन्न हों। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य की शिक्षा व्यवस्था से सीधे जुड़ी हुई है। इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करने वाले अभ्यर्थी भविष्य में विद्यार्थियों को शिक्षित करेंगे। ऐसे में परीक्षा की शुचिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की अनियमितता से योग्य अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
JTET 2026: परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से रखी जाएगी नजर
झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) ने जिला प्रशासन के सहयोग से परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि पर रोक लगाना है।
प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। सभी को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करना होगा। सरकार चाहती है कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
5.65 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना
जेटेट-2026 में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक स्तर यानी कक्षा एक से पांच के लिए करीब 1,95,935 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठ के लिए लगभग 3,69,113 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
इस तरह दोनों स्तरों को मिलाकर कुल 5,65,048 अभ्यर्थियों की भागीदारी संभावित है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण परीक्षा का आयोजन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अलग-अलग जिलों में परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना और परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना प्राथमिकता होगी।
दो पालियों में आयोजित होगी जेटेट परीक्षा
जेटेट-2026 का आयोजन एक नवंबर को दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली में उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठ के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। वहीं, दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर यानी कक्षा एक से पांच के अभ्यर्थी शामिल होंगे।
अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले अपने प्रवेश पत्र और जरूरी पहचान पत्र की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना भी जरूरी होगा। परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य है। इससे परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।
कदाचार करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी स्तर पर कदाचार करने या कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित कर्मियों को पूरी गंभीरता से काम करना होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों से जिम्मेदारी निभाने की अपील
मुख्यमंत्री ने परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का सफल आयोजन सभी संबंधित विभागों और कर्मियों के आपसी समन्वय पर निर्भर करता है। इसलिए सभी को अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी से निभानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। आम नागरिकों से परीक्षा की गरिमा बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है।
समय पर परिणाम जारी करना भी सरकार की प्राथमिकता
सरकार की प्राथमिकता केवल परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराना नहीं है। इसके साथ ही परीक्षा परिणाम भी समय पर जारी करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली जरूरी है। जेटेट-2026 का सफल आयोजन राज्य के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। अब एक नवंबर को होने वाली परीक्षा पर अभ्यर्थियों और प्रशासन की नजरें टिकी हैं।
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