153 निजी कॉलेजों की परीक्षा पर सरकार ने लगाई पाबंदी, कोर्ट में कानूनी विवाद के बाद फैसला
Jharkhand Pharmacy Council: राज्य सरकार ने फार्मेसी शिक्षा पर बड़ा कदम उठाया है। 153 निजी कॉलेजों की डिप्लोमा परीक्षा पर रोक लगा दी गई है। फार्मासिस्टों के नए रजिस्ट्रेशन पर भी पाबंदी लग गई है। यह आदेश अगले सरकारी निर्देश तक प्रभावी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। सरकार के फैसले से फार्मेसी छात्रों में हलचल मची है। काउंसिल में चल रहे कानूनी विवाद से यह रोक लगी है। हाईकोर्ट के आदेश की समीक्षा के बाद यह निर्णय हुआ है। प्रशासनिक विवाद से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
Jharkhand Pharmacy Council: संयुक्त सचिव ने जारी किया आदेश
संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद के हस्ताक्षर से आदेश निकला है। आदेश में नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को पत्र भेज दिया है। परीक्षाओं के आयोजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगी है। राज्य के 153 निजी फार्मेसी कॉलेज इसके दायरे में आएंगे। अब काउंसिल नए छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकेगी। सरकार के इस सख्त कदम से हड़कंप मचा हुआ है। विभाग का कहना है कि व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। सभी संबंधित अधिकारियों को नियमों के पालन की हिदायत है।
Jharkhand Pharmacy Council: पूर्व रजिस्ट्रार को हटाने के बाद शुरू हुआ विवाद
इस पूरी कार्रवाई के पीछे काउंसिल का पुराना विवाद है। तत्कालीन रजिस्ट्रार सह सचिव प्रशांत पांडेय पर गंभीर शिकायतें थीं। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी शिकायतों की गहन समीक्षा की थी। इसके बाद 17 अगस्त 2026 को उन्हें पद से हटाया गया था। इस बर्खास्तगी आदेश को प्रशांत पांडेय ने कोर्ट में चुनौती दी थी। यह मामला फिलहाल उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। इस कानूनी विवाद से काउंसिल के कामकाज पर असर पड़ा था। प्रशासनिक अनिश्चितता के कारण सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा है। सरकार ने साफ किया है कि मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में स्वास्थ्य विभाग ने की बड़ी कार्रवाई
झारखंड हाईकोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को आदेश पारित किया था। अदालत के आदेश के आलोक में ही यह रोक लगाई गई है। यह पाबंदी कोर्ट के अगले स्पष्ट आदेश तक जारी रहेगी। कानूनी पेच सुलझने तक कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। विभाग विधिक पहलुओं की लगातार समीक्षा कर रहा है। सरकार अदालत के हर आदेश का पालन सुनिश्चित करेगी। छात्रों और कॉलेजों को अदालत के अगले फैसले का इंतजार रहेगा। कानूनी विवाद सुलझने के बाद ही व्यवस्था फिर पटरी पर आएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह रोक एहतियातन लगाई गई है।
परीक्षा समिति को सख्त निर्देश, सरकार की अनुमति बिना नहीं होगी परीक्षा
सरकार ने डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति को कड़ा निर्देश दिया है। समिति सरकार के अगले आदेश तक कोई परीक्षा नहीं लेगी। सरकारी अनुमति के बिना परीक्षा लेना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। विभाग ने काउंसिल के अध्यक्ष और सदस्यों को भी निर्देश दिए हैं। सभी पदाधिकारियों को सरकारी आदेशों का अनुपालन करना होगा। की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सीधी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए है। छात्रों के हितों की रक्षा को सरकार प्रतिबद्ध है।


