चक्रवाती तूफान के असर से कच्चे घरों को भारी नुकसान, तीन परिवारों के सामने रहने का संकट
Chakradharpur News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लांडूपोड़ा पंचायत के राजापारोम गांव में बारिश के कारण तीन कच्चे मकान ढह गए। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। मकानों के गिरने से तीन परिवारों का आशियाना उजड़ गया है। प्रभावित परिवारों में जोबना पूर्ति, मधु पूर्ति और दानिएल पूर्ति शामिल हैं। हादसे के बाद उनके सामने रहने के लिए सुरक्षित जगह की समस्या खड़ी हो गई है। पंचायत के मुखिया कुश पूर्ति ने गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
Chakradharpur News: बारिश के बाद घरों का मलबा बिखरा, परिवारों को भारी नुकसान
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात इलाके में तेज बारिश हुई। इसी दौरान मिट्टी और खपरैल से बने तीनों मकान अचानक ढह गए। मकानों के गिरने से घरों में रखा सामान भी प्रभावित हुआ। तीनों परिवारों के सामने अब रहने की जगह का संकट खड़ा हो गया है। जिन घरों में वे अपने परिवार के साथ रह रहे थे, वे अब रहने लायक नहीं बचे हैं।
प्रभावित परिवारों में जोबना पूर्ति, जिनके पति स्वर्गीय रमेश पूर्ति थे, मधु पूर्ति, जिनके पति स्वर्गीय लव पूर्ति थे, और दानिएल पूर्ति, पिता सोमा पूर्ति के नाम शामिल हैं। तीनों मकानों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से परिवारों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। फिलहाल उनके सामने सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षित छत की है।
Chakradharpur News: मुखिया कुश पूर्ति ने गांव पहुंचकर लिया जायजा
मकान ढहने की सूचना मिलने के बाद लांडूपोड़ा पंचायत के मुखिया कुश पूर्ति राजापारोम गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया। साथ ही पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानी सुनी। उन्होंने बारिश से हुए नुकसान की स्थिति भी देखी।
गांव में हुए नुकसान के बाद प्रभावित परिवारों और अन्य ग्रामीणों की नजर अब प्रशासनिक सहायता पर है। मकान टूटने के बाद परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के साथ रहने की व्यवस्था करने में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में तत्काल राहत मिलना उनके लिए जरूरी है।
चक्रवाती तूफान के असर से कोल्हान में हुई भारी बारिश
राजापारोम गांव में मकान ढहने की घटना ऐसे समय हुई है, जब चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 29 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम सहित कोल्हान के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई थी। मौसम संबंधी रिपोर्ट में चाईबासा में भी बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई थी।
मौसम की इस स्थिति ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके मकान मिट्टी, खपरैल या अन्य कमजोर निर्माण सामग्री से बने हैं। लगातार बारिश से ऐसे मकानों की दीवारें और छत कमजोर हो सकती हैं। राजापारोम में तीन मकानों का गिरना इसी खतरे की गंभीरता को सामने लाता है। हालांकि, मकानों के गिरने के सटीक तकनीकी कारणों का आकलन प्रशासनिक निरीक्षण के बाद ही हो सकेगा।
प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षित आश्रय की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत देने की मांग की है। उनकी मांग है कि संबंधित अधिकारियों की टीम गांव पहुंचकर तीनों क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन करे। नुकसान की वास्तविक स्थिति दर्ज की जाए। इसके बाद आपदा राहत के प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि केवल नुकसान का आकलन करना पर्याप्त नहीं होगा। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह ढह गए हैं, उनके लिए तत्काल सुरक्षित रहने की व्यवस्था भी जरूरी है। बारिश के मौसम में खुले स्थान या असुरक्षित मकान में रहना उनके लिए परेशानी और जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए प्रशासन से जल्द अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से मुआवजे की स्वीकृति या राहत राशि दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता मिलने का इंतजार है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन नुकसान का आकलन कर कितनी जल्दी राहत पहुंचाता है।
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