रेलवे नेटवर्क के विस्तार के बीच नए रेल थानों और रेल मार्गों को नोटिफाई करने की तैयारी
Ranchi News: झारखंड में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ राजकीय रेल पुलिस (GRP) के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य में करीब छह नए राजकीय रेल थानों और नए रेल रूट को आधिकारिक रूप से नोटिफाई करने की तैयारी है। इसके लिए रेलवे बोर्ड और संबंधित मंडल रेल प्रबंधकों (DRM) को पत्र लिखा गया है। इस संबंध में झारखंड रेल मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक भी हुई, जिसमें धनबाद रेल एसपी, जमशेदपुर रेल एसपी समेत कई डीएसपी और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
Ranchi News: जोन्हा में युवक का शव मिलने के बाद उठा अधिकार क्षेत्र का सवाल
दरअसल, कुछ दिन पहले रांची में ट्रेन से लापता हुए एक युवक का शव जोन्हा क्षेत्र में बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद रांची जिला पुलिस और जीआरपी के बीच जांच के अधिकार क्षेत्र को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। जिला पुलिस का कहना था कि शव उसके थाना क्षेत्र में मिला है, इसलिए मामले की जांच जिला पुलिस करेगी।
वहीं, जीआरपी का तर्क था कि मामला रेल यात्रा से जुड़ा है और इसकी जांच रेल पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आती है। दोनों पुलिस एजेंसियों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के कारण शव के पोस्टमार्टम में भी देरी हुई थी। इस घटना ने रेल पुलिस के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करने की जरूरत को सामने ला दिया।
नए रेल थानों और मार्गों को अधिसूचित करने का निर्देश
घटना के बाद रेल पुलिस ने अधिकार क्षेत्र से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया। रेल मुख्यालय में हुई बैठक में राज्य में नए बने राजकीय रेल थानों और नए रेल मार्गों को जल्द से जल्द नोटिफाई कराने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को रेलवे बोर्ड और संबंधित डीआरएम को पत्र लिखकर नए थानों तथा रेल रूट की जानकारी देने और उन्हें आधिकारिक अधिसूचना के दायरे में लाने का निर्देश दिया गया।
बोकारो और देवघर में तैयार हुए नए राजकीय रेल थाने
अमृत भारत स्टेशन योजना समेत रेलवे के विकास कार्यों के तहत झारखंड में कई नए रेलवे स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। बोकारो और देवघर में नए राजकीय रेल थाने बनकर तैयार हुए हैं। इसके अलावा कोडरमा-हजारीबाग और दुमका-गोड्डा जैसे नए रेल मार्गों पर भी रेल परिचालन का विस्तार हुआ है।
इन नए स्टेशनों और रेल मार्गों को जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में शामिल करने के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूरी है। इससे किसी घटना के दौरान यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस रेल थाना या पुलिस इकाई को कार्रवाई करनी है। अधिकार क्षेत्र स्पष्ट होने से जांच और कानूनी प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिल सकती है।
झारखंड में फिलहाल 23 राजकीय रेल थाने
वर्तमान में झारखंड में 23 राजकीय रेल थाना, पांच रेल ओपी और 10 रेल पुलिस पोस्ट हैं। करीब छह नए रेल थानों और नए रेल रूट को नोटिफाई किए जाने से जीआरपी का अधिकार क्षेत्र और स्पष्ट होगा। रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ रेल पुलिस की व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
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