एसएसपी से लगाई गुहार, राहुल मिश्रा को भाई बताकर रिश्तों पर उठाए जा रहे सवालों पर जताई नाराजगी
Bagbera Dispute : जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में डीबी रोड पर हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। इस मामले में 18 वर्षीय पलक सोनकर ने अपने परिवार के साथ न्याय की मांग की है। उसने 31 अक्टूबर को पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित आवेदन दिया। पलक ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। युवती ने अपने चरित्र और निजी रिश्तों को लेकर कथित रूप से की जा रही टिप्पणियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि बिना किसी प्रमाण के उसके बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं। इससे उसे और उसके परिवार को मानसिक परेशानी हो रही है।
Bagbera Dispute: राहुल मिश्रा को भाई मानती है पलक, राखी बांधने की कही बात
पलक सोनकर ने अपने आवेदन में राहुल मिश्रा के साथ संबंधों को लेकर लगाए जा रहे कथित आरोपों पर नाराजगी जताई है। उसका कहना है कि राहुल मिश्रा उसके भाई समान हैं। वह उन्हें राखी भी बांधती है। इसके बावजूद कुछ लोगों की ओर से दोनों के रिश्ते को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। पलक ने सवाल उठाया है कि उसके चरित्र पर सवाल खड़े करने वालों के पास आखिर क्या सबूत हैं?
युवती ने खुद को नशे का आदी बताए जाने संबंधी बातों को भी गलत बताया है। उसका कहना है कि इस तरह की बातें उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही हैं। उसने पुलिस से मांग की है कि उसके खिलाफ फैलाए जा रहे कथित आरोपों की भी जांच हो। यदि किसी के पास कोई प्रमाण है, तो उसे पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए। पलक के अनुसार, किसी के निजी जीवन को लेकर बिना आधार की बातें फैलाना उचित नहीं है।
Bagbera Dispute: 28 अक्टूबर को दीपावली की सफाई के दौरान विवाद का आरोप
एसएसपी को दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना 28 अक्टूबर 2026 की दोपहर करीब 12:50 बजे की है। उस समय पलक के पिता पप्पू सोनकर और परिवार के अन्य सदस्य दीपावली की तैयारी में घर की साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान आकाश सोनकर और राजेश सोनकर समेत कुछ लोगों के वहां पहुंचने का आरोप लगाया गया है।
पलक का आरोप है कि विवाद के दौरान उसके पिता को कॉलर पकड़कर घर से बाहर खींचा गया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। परिवार की अन्य महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार और मारपीट किए जाने की बात आवेदन में कही गई है। युवती के मुताबिक, इस घटना में परिवार के कुछ सदस्यों को चोटें आईं। बाद में उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया।
बागबेड़ा थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने की बात
पलक सोनकर का कहना है कि घटना के बाद परिवार ने बागबेड़ा थाना में लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई होने की जानकारी नहीं मिली है। इसी वजह से उन्होंने मामले को लेकर एसएसपी से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है।
युवती चाहती है कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच करे। घटना के समय वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की जाए। साथ ही, मारपीट में शामिल बताए जा रहे लोगों की भूमिका की भी जांच हो। उसका कहना है कि परिवार के साथ हुई घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। केवल शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। मामले में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई भी जरूरी है।
कार्रवाई नहीं होने पर परिवार सहित एसपी कार्यालय में रहने की चेतावनी
पलक ने अपने आवेदन में प्रशासन से भावुक अपील की है। उसने कहा है कि परिवार लगातार मानसिक परेशानी से गुजर रहा है। ऐसे में उसे जल्द न्याय मिलना चाहिए। युवती ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने पूरे परिवार के साथ एसपी कार्यालय में ही रहने को मजबूर होगी।
उसका कहना है कि परिवार को सुरक्षा और न्याय दोनों की जरूरत है। वह नहीं चाहती कि इस तरह का विवाद आगे भी जारी रहे। पलक ने पुलिस प्रशासन से समय रहते हस्तक्षेप करने की मांग की है। उसने स्पष्ट किया है कि उसके और परिवार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की सच्चाई भी सामने आनी चाहिए।
दोनों पक्षों की शिकायतों से बढ़ा मामला, जांच पर टिकी नजरें
इस मामले में सामने आई अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 28 अक्टूबर की घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। एक पक्ष की ओर से शोभा सोनकर ने भी पुलिस में शिकायत दी थी। इस शिकायत में पारिवारिक विवाद के दौरान मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। ऐसे में पूरे मामले को केवल एक पक्ष की शिकायत के आधार पर देखना उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों के आरोपों और उनके जवाब की जांच जरूरी है।
फिलहाल पलक सोनकर की ओर से एसएसपी को दिए गए आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरे पक्ष की ओर से पलक के ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से भी इस आवेदन पर विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और किसकी भूमिका कितनी थी।


