कैथा में कृषि यांत्रिकीकरण मेला, ट्रैक्टर से लेकर सोलर पंपसेट तक का वितरण
Farm Mechanization: रामगढ़ में किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए शनिवार को कृषि यांत्रिकीकरण वितरण मेला लगाया गया। कैथा स्थित भूमि संरक्षण कार्यालय परिसर में आयोजित इस मेले में किसानों को सरकारी योजनाओं के तहत 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर कृषि उपकरण दिए गए। इनमें ट्रैक्टर, मिनी ट्रैक्टर, पंपसेट और सोलर पंपसेट शामिल हैं। मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना और खेती में लगने वाले समय एवं श्रम को कम करना था। इससे किसानों को खेती के काम में सहूलियत मिलने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
Farm Mechanization: चार जनप्रतिनिधियों ने किया मेले का उद्घाटन
कृषि यांत्रिकीकरण मेले का उद्घाटन स्थानीय विधायक ममता देवी, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो और उपायुक्त ऋतुराज ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। उन्होंने कृषि उपकरणों के वितरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार, सहायक निदेशक सर्वे विवेक मिश्रा, भूमि संरक्षण पदाधिकारी कंचन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. प्रभात शंकर, जेएसएलपीएस की डीपीएम रीता सिंह और सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाले अनुदान और कृषि उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी।
Farm Mechanization: मुख्यमंत्री ट्रैक्टर योजना के तहत दो किसानों को मिला ट्रैक्टर
मेले में मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के तहत दो लाभुकों को 50 प्रतिशत अनुदान पर ट्रैक्टर उपलब्ध कराए गए। वहीं, एसएमएएम योजना के तहत आठ लाभुकों को 80 प्रतिशत अनुदान पर बड़े ट्रैक्टर दिए गए। इसी योजना के अंतर्गत तीन लाभुकों को मिनी ट्रैक्टर भी उपलब्ध कराए गए। इन उपकरणों के मिलने से किसानों को खेत की जुताई और अन्य कृषि कार्यों में सुविधा होगी।
कृषि उपकरणों की खरीद पर मिलने वाला अनुदान किसानों के आर्थिक बोझ को कम करने में मददगार है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए महंगे कृषि संसाधन खरीदना आसान नहीं होता। ऐसे में सरकारी योजनाओं के माध्यम से मशीनें उपलब्ध कराना खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

40 लाभुकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर मिले पंपसेट
मेले में पंपसेट वितरण योजना के तहत सबसे अधिक 40 लाभुकों को लाभ दिया गया। इन्हें 1.5 से 5 हॉर्स पावर क्षमता वाले पंपसेट और सोलर पंपसेट उपलब्ध कराए गए। इन उपकरणों पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया गया।
सिंचाई की सुविधा किसानों के लिए खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। पंपसेट मिलने से किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने में सहूलियत होगी। वहीं, सोलर पंपसेट के इस्तेमाल से बिजली पर निर्भरता कम करने का विकल्प भी मिलेगा।
इसके अलावा व्यक्तिगत कृषि यंत्र योजना के तहत तीन लाभुकों को 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि उपकरण दिए गए। इस तरह मेले में अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से ट्रैक्टर, मिनी ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। विभाग की ओर से इन योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
विधायकों ने आधुनिक खेती अपनाने की अपील की
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ममता देवी ने कहा कि कृषि यांत्रिकीकरण से खेती को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। कृषि उपकरणों के इस्तेमाल से किसानों का समय और श्रम दोनों बचेंगे। इससे खेती के काम को कम समय में पूरा करना संभव होगा। उन्होंने इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी उपयोगी पहल बताया।
बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि आधुनिक कृषि मशीनों के उपयोग से खेती की लागत कम करने में मदद मिल सकती है। किसानों को जुताई, सिंचाई और दूसरे कृषि कार्यों में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कृषि संसाधनों की उपलब्धता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
मांडू विधायक निर्मल महतो ने किसानों से सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक होना चाहिए। इससे कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता : उपायुक्त
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि जिले में कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार किसानों को 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान देकर आधुनिक कृषि संसाधन उपलब्ध करा रही है। इससे किसान अपनी जरूरत के अनुसार उपकरण खरीद सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र किसानों तक पहुंचे। इसके लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए। साथ ही लाभुकों को समय पर उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि कृषि मशीनों के इस्तेमाल से खेती में लगने वाला श्रम कम होगा। किसान कम समय में अधिक कृषि कार्य कर सकेंगे। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे।
भूमि संरक्षण विभाग ने दी योजनाओं की जानकारी
भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार ने कहा कि कृषि यांत्रिकीकरण से खेती की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से किसानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी सहयोग मिलेगा।
भूमि संरक्षण पदाधिकारी कंचन ने विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने और सरकारी अनुदान का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान विभाग से संपर्क कर योजनाओं की पात्रता और आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक सर्वे विवेक मिश्रा ने किया। मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने किसानों को कृषि उपकरणों के उपयोग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी दी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि मशीनों की पहुंच बढ़ाना है। इसके तहत कृषि उपकरणों की खरीद और सामुदायिक स्तर पर मशीनों की उपलब्धता को प्रोत्साहित किया जाता है।
रामगढ़ में आयोजित इस मेले के जरिए किसानों को सीधे कृषि संसाधनों से जोड़ने का प्रयास किया गया। अलग-अलग योजनाओं के तहत मिले उपकरण खेती के काम को आसान बनाने में मददगार हो सकते हैं।


