लंबित मामलों के जल्द निष्पादन का निर्देश, जनहित से जुड़े सवालों पर अधिकारियों को जवाबदेही तय करने को कहा
Assembly Review: रामगढ़ में झारखंड विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति ने शनिवार को विभिन्न सरकारी विभागों के कामकाज की समीक्षा की। परिसदन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति सुरेश पासवान ने की। बैठक में समिति के सदस्य राम सूर्या मुंडा भी शामिल हुए। इस दौरान विधानसभा में जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए सवालों और उन पर विभागों की ओर से की गई कार्रवाई का ब्योरा लिया गया। समिति ने लंबित प्रश्नों, उनके क्रियान्वयन और अनुपालन की स्थिति की विभागवार जानकारी हासिल की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विधानसभा में उठने वाले जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दें। साथ ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करें।
Assembly Review: विधानसभा के सवालों पर हुई विभागवार पड़ताल
बैठक में मुख्य रूप से उन सवालों पर चर्चा हुई, जिन्हें विधानसभा के सदस्यों ने अलग-अलग विभागों से संबंधित मामलों को लेकर सदन में उठाया था। समिति ने यह जानने का प्रयास किया कि संबंधित विभागों ने इन प्रश्नों पर अब तक क्या कार्रवाई की है। किन मामलों का निष्पादन हो चुका है और कौन से मामले अभी लंबित हैं। अधिकारियों से लंबित मामलों के कारणों और उनके समाधान की संभावित समय-सीमा की जानकारी भी ली गई।
समिति ने स्पष्ट किया कि विधानसभा में उठाए गए सवाल केवल औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं। इनके माध्यम से आम लोगों की समस्याएं सरकार और प्रशासन तक पहुंचती हैं। इसलिए विभागीय अधिकारियों को इन प्रश्नों को गंभीरता से लेना चाहिए। जवाब देने के साथ-साथ संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठाने होंगे।
Assembly Review: समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर
समिति के सभापति सुरेश पासवान ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा में जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए प्रश्नों को सामान्य प्रशासनिक पत्राचार की तरह नहीं देखा जाए। इनका सीधा संबंध जनता की जरूरतों से होता है। इसलिए प्रत्येक विभाग को प्रश्नों का जवाब देने के साथ उन पर जरूरी कार्रवाई भी करनी होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी मामले को बेवजह लंबित नहीं रखा जाए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आपसी तालमेल बनाकर काम करने को कहा। उनका जोर इस बात पर था कि एक विभाग की कार्रवाई दूसरे विभाग के स्तर पर नहीं अटके। जहां किसी मामले में कई विभागों की भूमिका है, वहां समन्वय के साथ समाधान निकाला जाए। इससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। साथ ही आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।
राम सूर्या मुंडा ने भी अधिकारियों को दिए निर्देश
समिति के सदस्य राम सूर्या मुंडा ने भी समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उठने वाले प्रश्न आम नागरिकों की समस्याओं और अपेक्षाओं को सामने रखते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाएं।
राम सूर्या मुंडा ने विभागीय रिपोर्ट की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाने वाली जानकारी सही और स्पष्ट होनी चाहिए। रिपोर्ट में मौजूदा स्थिति का पूरा विवरण दिया जाना जरूरी है। पुरानी या अधूरी जानकारी से समीक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं होता। इसलिए सभी विभाग समय-समय पर अपने आंकड़ों और कार्रवाई की स्थिति को अपडेट रखें।
विभागों ने समिति के सामने रखी प्रगति रिपोर्ट
समीक्षा बैठक में रामगढ़ जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित विधानसभा प्रश्नों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि किन प्रश्नों पर कार्रवाई की जा चुकी है और किन मामलों में प्रक्रिया अभी जारी है। समिति ने इन रिपोर्टों का बारी-बारी से अवलोकन किया। साथ ही अनुपालन की मौजूदा स्थिति को समझा।
समिति ने विभागवार प्रस्तुत जानकारी के आधार पर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विधानसभा से जुड़े मामलों में जवाबदेही केवल रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित प्रश्नों पर जमीन पर हुई कार्रवाई भी महत्वपूर्ण है। विभागों को अपने स्तर पर इसकी नियमित निगरानी करनी होगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश
बैठक के अंत में प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। लंबित प्रश्नों पर की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएं। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी से बचें।
गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति का काम सदन में उठाए गए उन प्रश्नों के अनुपालन की समीक्षा करना है, जिन पर संबंधित विभागों की कार्रवाई की जानकारी अपेक्षित होती है। समिति विभागों से जवाब और प्रगति रिपोर्ट लेकर उनकी स्थिति की पड़ताल करती है। वर्ष 2026-27 के लिए गठित विधानसभा समितियों में सुरेश पासवान को इस समिति का सभापति बनाया गया है।
रामगढ़ में हुई इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। समिति की समीक्षा का मुख्य उद्देश्य विधानसभा में उठाए गए जनहित के सवालों पर विभागीय कार्रवाई को गति देना और उनके समय पर निष्पादन को सुनिश्चित करना रहा।
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