डालसा और बोर्ड ऑफ विजिटर की संयुक्त टीम ने परखी जेल की व्यवस्थाएं
Palamu News: पलामू के मेदिनीनगर केंद्रीय कारा में गुरुवार, 15 अक्टूबर को बोर्ड ऑफ विजिटर और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में जेल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। टीम ने बंदियों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुसार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
Palamu News: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नेतृत्व में पहुंची टीम
संयुक्त निरीक्षण दल का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण ने किया। टीम में पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी भी शामिल थे। इनके अलावा डालसा सचिव सौरभ कुमार गौतम, व्यवहार न्यायालय के निबंधक कमल प्रकाश, समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान और सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभ चंद्र सिंह और डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी भी निरीक्षण में शामिल हुए। टीम ने जेल परिसर के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया। इस दौरान वहां उपलब्ध सुविधाओं और उनके संचालन की स्थिति देखी गई।
Palamu News:बैरक से लेकर रसोईघर तक व्यवस्थाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्रीय कारा के बैरक, महिला वार्ड, मुलाकाती सहायता केंद्र और मेडिकल वार्ड का जायजा लिया। इसके साथ ही रसोईघर, स्टोर रूम, पुस्तकालय, प्रिंटिंग प्रेस और कपड़ा बुनाई केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने इन स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता और शौचालयों की स्थिति पर ध्यान दिया। जेल परिसर में सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल की गई। मेडिकल वार्ड में बंदियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली गई। निरीक्षण का उद्देश्य जेल की व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखना था।
Palamu News: भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर दिया गया ध्यान
संयुक्त टीम ने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की। सरकार की ओर से निर्धारित मानक मेनू के अनुसार खाना उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी देखी गई। अधिकारियों ने रसोईघर और खाद्य सामग्री के रखरखाव से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जेल परिसर में स्वच्छता और पेयजल की उपलब्धता को भी महत्वपूर्ण माना गया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। हालांकि, भोजन की गुणवत्ता या अन्य सुविधाओं से जुड़े किसी अलग परीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट जारी नहीं की गई।
बंदियों के मुकदमों और कानूनी सहायता की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण ने बंदियों से उनके मुकदमों की स्थिति के बारे में बातचीत की। उन्होंने यह भी पूछा कि उन्हें अपने मामलों की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी बंदी को अधिवक्ता की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। जरूरतमंद बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को भी न्यायिक प्रक्रिया में उचित सहायता देना है।
उन्होंने बंदियों को अपनी समस्याएं डालसा तक पहुंचाने का तरीका भी बताया। बंदी जेल में तैनात पैरा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) के माध्यम से अपनी शिकायतें लिखित रूप में भेज सकते हैं। इससे उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। टीम ने बंदियों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर उचित समाधान का भरोसा भी दिलाया।
महिला वार्ड में बंदियों और बच्चों से किया संवाद
निरीक्षण दल ने महिला वार्ड का भी दौरा किया। यहां अधिकारियों ने महिला बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। वार्ड में रह रहे छोटे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी पूछा गया। अधिकारियों ने बच्चों को बिस्किट और टॉफी दी। इस दौरान महिला वार्ड में उपलब्ध सुविधाओं और बच्चों की जरूरतों पर ध्यान दिया गया। जेल में रहने वाले बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा से जुड़े पहलू भी निरीक्षण का हिस्सा रहे।
पुस्तकालय और अन्य गतिविधियों की भी हुई समीक्षा
टीम ने जेल के पुस्तकालय, प्रिंटिंग प्रेस और कपड़ा बुनाई केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पठन-पाठन के लिए उपलब्ध पुस्तकों और संगीत के उपकरणों की स्थिति भी देखी। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पुस्तकें और संगीत के उपकरण सही हालत में मिले। जेल परिसर में ऐसी गतिविधियां बंदियों के समय के बेहतर उपयोग और रचनात्मक कार्यों से जुड़ने का अवसर देती हैं। हालांकि, इन गतिविधियों में कितने बंदी भाग लेते हैं, इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।
मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने जेल प्रशासन को बंदियों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साफ-सफाई, भोजन, पेयजल, चिकित्सा और कानूनी सहायता जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। मौके पर काराधीक्षक प्रभात कुमार, कारापाल देवनाथ राम, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य, डालसा कर्मी, पीएलवी और बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित थे। संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य जेल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और बंदियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाना था।
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