एसीबी की टीम ने बिहार के अरवल में दबिश देकर नरसिंह दास को दबोचा, फर्जी डीड बनाकर 20 करोड़ के गबन का आरोप
Dhanbad Ring Road: धनबाद में 100 करोड़ के रिंग रोड मुआवजा घोटाले के सिलसिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। धनबाद रिंग रोड निर्माण के दौरान हुए करीब 100 करोड़ रुपये के बहुचर्चित भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा घोटाले में मुख्य सूत्रधार नरसिंह दास को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीबी की एक विशेष टीम ने पड़ोसी राज्य बिहार के अरवल जिले में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर गिरफ्तारी से बच रहा था। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से भू-माफिया और संबंधित सरकारी अधिकारियों में भारी हड़कंप मच गया है।
Dhanbad Ring Road: फर्जी डीड से 20 करोड़ रुपये की हेराफेरी
जांच एजेंसी से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार धनबाद में रिंग रोड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान भारी वित्तीय अनियमितताएं की गई थीं। पूरे प्रोजेक्ट में मुआवजे के वितरण को लेकर करीब 100 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया था। आरोप है कि मुख्य आरोपी नरसिंह दास ने भू-राजस्व कर्मियों और बिचौलियों के साथ सांठगांठ कर गैर-मजरूआ व विवादित जमीनों के फर्जी दस्तावेज (डीड) तैयार किए।
इन जाली कागजातों के आधार पर असली भूस्वामियों को दरकिनार कर दिया गया। इसके बाद लगभग 20 करोड़ रुपये की सरकारी मुआवजा राशि फर्जी खातों और बिचौलियों के माध्यम से हड़प ली गई। इस बंदरबांट में सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लगाया गया था।
Dhanbad Ring Road: घोटाले की वर्ष 2016 से चल रही है जांच
इस महाघोटाले की जड़ें कई साल पुरानी हैं। वर्ष 2012 के आसपास शुरू हुई इस फर्जीवाड़े की परतें तब खुलीं जब धनबाद के प्रख्यात समाजसेवी रमेश राही ने पूरे मामले का भंडाफोड़ किया। उन्होंने मुआवजे के नाम पर हो रही खुली लूट के खिलाफ ठोस साक्ष्यों के साथ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से शिकायत की थी।
शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद वर्ष 2016 में एसीबी ने नियमित प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से ही एजेंसी जमीन के दस्तावेजों, फर्जी बैंक खातों और मुआवजा वितरण से जुड़ी पत्रावलियों की गहन फॉरेंसिक व कानूनी जांच कर रही थी। जांच के दौरान यह बात प्रमाणित हुई कि फर्जी डीड के निर्माण और रकम की निकासी में नरसिंह दास की केंद्रीय भूमिका थी।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी, कई सफेदपोश और राजस्व अधिकारी भी जांच के दायरे में
बिहार के अरवल से गिरफ्तार किए जाने के बाद एसीबी की टीम आरोपी नरसिंह दास को ट्रांजिट रिमांड पर धनबाद लेकर पहुंची है। विशेष अदालत में पेश करने से पहले एसीबी के आला अधिकारी आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन भू-अर्जन कार्यालय के किन-किन पदाधिकारियों और कर्मचारियों की सीधी मिलीभगत थी। इसके अलावा गबन की गई 20 करोड़ रुपये की अवैध रकम किन-किन लोगों के बीच बांटी गई थी। एसीबी सूत्रों का कहना है कि आरोपी के बयानों और जब्त दस्तावेजों के आधार पर जल्द ही इस मामले में संलिप्त अन्य सफेदपोशों और तत्कालीन सरकारी बाबुओं पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
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