विश्वविद्यालय खेलों के लिए राष्ट्रीय महासंघ का मिला दर्जा, छह महीने में एफआईएसयू से लेनी होगी संबद्धता
Indian University Sports: विश्वविद्यालय खेलों के प्रशासन में बड़ा बदलाव हुआ। खेल मंत्रालय ने आईयूएसएफ को मान्यता दी है। इसे एनएसएफ के रूप में अस्थायी मंजूरी मिली। भारतीय यूनिस्पोर्ट्स महासंघ के लिए नियम शिथिल हुए। इससे भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) पर सवाल उठे हैं। अब विश्वविद्यालयी खेलों की कमान नई संस्था संभालेगी। देश भर में इस फैसले का स्वागत हो रहा। खेल जगत में इस बड़े फैसले की चर्चा है।
Indian University Sports: एआईयू की प्रशासनिक लापरवाहियों से नाराज था मंत्रालय
विश्वविद्यालय खेलों के लिए एआईयू पहले नोडल निकाय था। पिछले साल जर्मनी में आयोजित खेलों में चूक हुई। 12 बैडमिंटन खिलाड़ियों में छह बाहर हो गए। टीम मैनेजर ने समय पर नाम नहीं भेजे थे। मंत्रालय ने जनवरी में कारण बताओ नोटिस जारी किया। संस्था खिलाड़ियों के विकास में नाकाम साबित हुई। एफआईएसयू से संबद्धता के कारण उसकी मान्यता बची रही। पीड़ित खिलाड़ियों को केवल भागीदारी प्रमाण पत्र मिले। इस घटना से देश की काफी किरकिरी हुई थी।
Indian University Sports: छह महीने में एफआईएसयू से मान्यता लेने का निर्देश
मंत्रालय ने पांच जुलाई 2026 के पत्र पर फैसला लिया। आईयूएसएफ को नियमों के अनुसार संविधान बदलना होगा। छह महीने में उसे एफआईएसयू से मान्यता लेनी होगी। नई संस्था राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इकाइयां जोड़ेगी। इससे विश्वविद्यालयों में खेलों का तेज विस्तार होगा। एआईयू के महासचिव पंकज मित्तल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। फोन करने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वे इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे रहे।
सौ साल पुराने एआईयू के अस्तित्व पर मंडराया संकट
भारतीय विश्वविद्यालय संघ की स्थापना वर्ष 1925 में हुई। तब इसका नाम अंतर-विश्वविद्यालय बोर्ड (आईयूबी) था। वर्ष 1973 में इसका नाम एआईयू रखा गया। संस्था ने लगभग एक सदी तक खेल संचालित किए। लेकिन लगातार विवादों से इसकी साख पर असर पड़ा। नई संस्था की मान्यता से एआईयू का एकाधिकार टूटा। अब कॉलेज के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नए अवसर मिलेंगे। खेलों के विकास में नई संस्था को बड़ी जिम्मेदारी मिली। छात्र एथलीटों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
युवा एथलीटों को मिलेगा बेहतर मंच और आधुनिक सुविधाएं
मंत्रालय के फैसले से युवा खिलाड़ियों में उत्साह है। अब खेल आयोजनों में पेशेवर तरीका अपनाया जाएगा। चयन प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता रहेगी। आईयूएसएफ सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को साथ जोड़ेगा। खिलाड़ियों को समय पर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भेजा जाएगा। प्रशासनिक खामियों से अब किसी का करियर नहीं रुकेगा। पूरे देश में विश्वविद्यालयी खेलों को नई दिशा मिलेगी। प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष योजनाएं बनेंगी। युवाओं को अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच मिलेगा।
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