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Nana Patekar Demise: सिनेमा के क्रांतिवीर ने दुनिया को कहा अलविदा

गोवा स्थित आवास पर पड़ा दिल का दौरा, पुणे में होगा अंतिम संस्कार, सिनेमा जगत में शोक

Nana Patekar Demise: अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। गुरुवार सुबह गोवा में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 75 वर्ष के थे। कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हुआ। तड़के सीने में तेज दर्द हुआ था। मेडिकल टीम ने 45 मिनट तक सीपीआर दिया। सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। उनके निधन से पूरा देश स्तब्ध है। सिनेमा जगत में गहरा शोक है।

Nana Patekar Demise: क्रांतिवीर से लेकर वेलकम तक का अविस्मरणीय सफर

नाना पाटेकर ने अभिनय में अमिट छाप छोड़ी। फिल्म क्रांतिवीर (1994) में वे प्रताप बने। इस रोल के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार से भी नवाजा गया। परिंदा (1989) में वे अन्ना सेठ बने थे। यह विधु विनोद चोपड़ा की चर्चित फिल्म थी। प्रहार: द फाइनल अटैक (1991) में वे दिखे। इसमें उन्होंने मेजर प्रताप चौहान का रोल किया। तिरंगा (1993) में वे पुलिस इंस्पेक्टर बने। इसमें उनका किरदार शिवाजीराव वाघले का था। फिल्म में राज कुमार (ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह) भी थे। अब तक छप्पन (2004) में वे साधु आगाशे बने। वेलकम (2007) में वे डॉन उदय शेट्टी बने। फिल्म राजनीति (2010) और अपहरण (2005) में भी दिखे। हाल ही में उनकी वेब सीरीज संकल्प आई थी।

Nana Patekar Demise: जिंदगी और मौत के फलसफे पर बेबाक राय

नाना हमेशा अपनी बेबाक बातों के लिए जाने गए। वर्ष 2023 में उनका एक इंटरव्यू चर्चित रहा। उस वक्त फिल्म द वैक्सीन वॉर आई थी। उन्होंने जिंदगी और मौत पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कल मरना है। लोग कभी न मरने का वहम पालते हैं। वे सिर्फ दौलत जुटाने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि 12 मन लकड़ी मेरी प्रॉपर्टी है। उन्होंने घर में सूखी लकड़ियां रखी थीं। वे गीली लकड़ी का धुआं नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा कि धुएं से आंसू आएंगे। मुझे लगेगा कि लोग मेरे लिए रो रहे हैं। मरते वक्त ऐसी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।

परिवार के बिछोह और अंकुश के गीत की सच्चाई

उन्होंने परिवार के बिछोह का दर्द बताया था। उन्हें लगता था कि उनकी मां अभी जिंदा हैं। हम सात भाई-बहन थे, छह गुजर गए। सब चले गए तो मैं भी यहां का नहीं। मेरे सभी अपने अब वहीं हैं। फिल्म अंकुश का चर्चित गीत आज भी याद है। इतनी शक्ति हमें देना दाता गीत काफी गूंजा। फिल्म में वे एक बेरोजगार युवक बने थे। उन्होंने कहा था कि मरने पर कोई याद नहीं रखता। दो-चार दिन में सब भूल जाते हैं। उन्होंने अपनी तस्वीर लगाने से भी मना किया था।

पुणे में होगा अंतिम संस्कार, सिनेमा जगत में शोक

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने पुष्टि की है। पार्थिव शरीर गोवा से पुणे ले जाया जाएगा। वहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों ने गहरा शोक जताया। बॉलीवुड और मराठी सिनेमा जगत में शोक की लहर है। कलाकारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सिनेमा ने एक अनूठा फनकार खो दिया है। उनके डायलॉग दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे। पूरा देश इस महान कलाकार को नमन कर रहा।

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