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Jamshedpur ICSQS–2026: सतत इस्पात उत्पादन के लिए नई तकनीकों पर मंथन, डॉ. टी भास्कर ने बताई जरूरत

  • अंतरराष्ट्रीय इस्पात सम्मेलन का शुभारंभ

Jamshedpur: शावक नानावती टेक्निकल इंस्टीट्यूट में गुरुवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय इस्पात सम्मेलन ICSQS–2026 का उद्घाटन हुआ। इस सम्मेलन में इस्पात उत्पादन की नई और आधुनिक तकनीकों पर गहन चर्चा की जा रही है।

कई संस्थानों का संयुक्त आयोजन

यह सम्मेलन Tata Steel के नेतृत्व में आयोजित किया गया है, जिसमें Indian Institute of Metals (जमशेदपुर चैप्टर), CSIR–National Metallurgical Laboratory और All India Induction Furnace Association का सहयोग शामिल है।

नई तकनीकों पर फोकस

सम्मेलन के दौरान इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) और इंडक्शन फर्नेस (IF) के माध्यम से सतत (sustainable) और उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात उत्पादन पर विशेष मंथन किया गया।

पर्यावरण और गुणवत्ता पर जोर

मुख्य वक्ता डॉ. टी भास्कर ने कहा कि वर्तमान समय में इस्पात उद्योग को पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक आर्क और इंडक्शन भट्ठियों के जरिए उत्पादन को अधिक टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बनाना जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग को नई तकनीकों को अपनाते हुए जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उद्योग के भविष्य पर मंथन

इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और शोधकर्ता शामिल हो रहे हैं, जो इस्पात उद्योग के भविष्य, नवाचार और गुणवत्ता सुधार पर अपने विचार साझा करेंगे।

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