नामकुम अंचल में तीन बार खारिज हुआ आवेदन चौथी बार बिना दस्तखत पास, एक साल पहले मरे व्यक्ति को बना दिया जमीन मालिक
Ranchi Mutation Scam: राजधानी रांची (Ranchi) में एक हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक मृत व्यक्ति के नाम पर जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) कर दिया गया। उस व्यक्ति की मौत एक साल पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद सरकारी फाइलों में उसे जिंदा दिखाकर जमीन का नया मालिक बना दिया गया। यह सनसनीखेज मामला नामकुम अंचल कार्यालय का है। अंचल कर्मियों की इस मिलीभगत से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
Ranchi Mutation Scam: तीन बार निरस्त हुआ आवेदन, चौथी बार में बाबुओं ने कर दिया खेल
नामकुम अंचल कार्यालय में इस जमीन के म्यूटेशन का आवेदन पहले तीन बार खारिज हुआ था। इसके बावजूद चौथी बार फिर नया आवेदन दाखिल किया गया। अंचल के बाबुओं ने नियमों को ताक पर रखकर इसे तुरंत पास कर दिया। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित व्यक्ति की मौत 31 अगस्त 2024 को हो चुकी थी। रांची नगर निगम उसकी मौत की पुष्टि पहले ही कर चुका है। इसके बावजूद 2025 में मृत व्यक्ति के नाम पर जमीन की दाखिल-खारिज दर्ज कर दी गई।
Ranchi Mutation Scam: शपथ पत्र पर हस्ताक्षर तक नहीं, फिर भी चढ़ा दिया सरकारी नाम
इस फर्जीवाड़े में राजस्व नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। दाखिल-खारिज के लिए जिस शपथ पत्र का सहारा लिया गया, उस पर शपथकर्ता के हस्ताक्षर तक मौजूद नहीं हैं। बिना दस्तखत वाले सादे दस्तावेज को अंचल कर्मियों ने आंख मूंदकर स्वीकार कर लिया। अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि जो आवेदन तीन बार खारिज हुआ, वह अचानक चौथी बार कैसे मंजूर हो गया? क्या कोई मृत व्यक्ति खुद चलकर दफ्तर पहुंचा था? इस पूरे मामले ने अंचल कार्यालय की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के हेथू का विवाद, एक एकड़ 39 डिसिमल जमीन हड़पने का आरोप
यह पूरा मामला एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के हेथू मौजा का है। गांव की रहने वाली सुशीला देवी के अनुसार वहां उनकी एक एकड़ 39 डिसिमल जमीन है। उन्होंने गांव के ही भुवनेश्वर साहू, कृष्णा साहू और दिलीप साहू पर जमीन हड़पने की नीयत से फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। जमीन पर कब्जे और दावेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद और झड़प हो चुकी है। इसके बाद पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए थाना, एसएसपी और डीसी कार्यालय में लिखित आवेदन दिया।
एलआरडीसी से डीसी तक शिकायत, सीओ की रिपोर्ट में पीड़िता के दखल-कब्जे की पुष्टि
सुशीला देवी ने अवैध म्यूटेशन को रद्द कराने के लिए एलआरडीसी कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने मामले में नामकुम सीओ से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी। सीओ कार्यालय की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि विवादित भूमि पर सुशीला देवी का ही दखल-कब्जा है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एक अपील स्वीकार की और दूसरी खारिज कर दी। उधर दूसरे पक्ष का दावा है कि उनके पूर्वजों ने यह जमीन खरीदी थी। पीड़िता ने मांग की है कि मृत व्यक्ति के नाम हुए फर्जी म्यूटेशन को तत्काल रद्द कर दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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