सीएम हेमंत सोरेन के संज्ञान के बाद एसपी ने की कार्रवाई, छापेमारी में नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज
Latehar Police Suspension: लातेहार पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुईं है। महिला से बर्बरता के आरोप में दो पुलिसकर्मी नपे। एसपी कुमार गौरव ने थाना प्रभारी को सस्पेंड किया। उनके साथ एक सिपाही पर भी गाज गिरी। छापेमारी में नियमों के उल्लंघन पर यह कदम उठा। जांच रिपोर्ट आने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। इस सख्त कदम से पुलिसकर्मियों में हड़कंप है। प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि मनमानी नहीं चलेगी।
Latehar Police Suspension: बकरी चरा रही महिला पर अफीम का आरोप
पीड़िता मुनिया देवी मेलम गांव की रहने वाली हैं। यह गांव हेरहंज थाना क्षेत्र में पड़ता है। घटना छह अक्टूबर की दोपहर की बताई गई। महिला जंगल के पास बकरी चरा रही थीं। इसी दौरान बरियातू थाने की पुलिस वहां पहुंची। पुलिसकर्मी वर्दी की जगह सादे कपड़ों में थे। उन्होंने महिला पर अफीम तस्करी का आरोप मढ़ा। महिला ने इस झूठे आरोप का कड़ा विरोध किया। इस पर पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी धमकाया गया।
Latehar Police Suspension: विरोध करने पर थाने ले जाकर पीटा
घटना के समय आसपास कई ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने पुलिस की इस बर्बरता का विरोध किया। लेकिन पुलिसकर्मी किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। वे जबरन मुनिया देवी को गाड़ी में बैठा ले गए। महिला को सीधे बरियातू थाने ले जाया गया। आरोप है कि थाने के भीतर भी मारपीट हुई। महिला को घंटों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसके बाद ग्रामीणों के दबाव में उसे छोड़ा गया। पीड़िता ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिसकर्मियों का रवैया पूरी तरह अमानवीय था।
ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय घेरकर मांगा न्याय
पुलिसिया जुल्म के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार को दर्जनों ग्रामीण लातेहार मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने सीधे एसपी कार्यालय का रुख किया। ग्रामीणों ने एसपी कुमार गौरव से मिलकर पीड़ा बताई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी। ग्रामीणों ने लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। उन्होंने फौरन एक विशेष जांच दल का गठन किया। जांच दल को तुरंत मौके पर भेजा गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिया संज्ञान
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया। मुख्यमंत्री ने लातेहार पुलिस को मामले की जांच सौंपी। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के कड़े रुख से महकमे में खलबली मची। पुलिस मुख्यालय ने तुरंत जांच प्रक्रिया को तेज किया। कुछ ही घंटों में जांच दल ने रिपोर्ट सौंप दी। सरकार ने साफ किया कि जुल्म बर्दाश्त नहीं होगा।
जांच में कानूनी नियमों की अनदेखी साबित हुई
जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की भारी लापरवाही मिली। बरियातू थाना प्रभारी प्रभात दास दोषी पाए गए। उनके साथ सिपाही मनीष कुमार की संलिप्तता मिली। छापेमारी के दौरान कानूनी नियमों का खुला उल्लंघन हुआ। महिला पुलिसकर्मी के बिना ही दबिश दी गई थी। एसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पुलिस कप्तान ने निष्पक्षता से काम करने की हिदायत दी। दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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