– जीवनशैली में छोटे बदलाव से दिल को रखा जा सकता है स्वस्थ, विशेषज्ञों ने बताए बचाव के उपाय
Heart Health: जमशेदपुर के अरका जैन विश्वविद्यालय में नर्सिंग स्कूल के विद्यार्थियों के लिए हृदय स्वास्थ्य पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसका विषय “स्वस्थ हृदय: हृदय स्वास्थ्य की समझ एवं बचाव” था। कार्यक्रम का आयोजन नर्सिंग स्कूल ने क्षमता निर्माण एवं मानव संसाधन विकास केंद्र (CCHRD) के सहयोग से किया।
Heart Health: जोखिम कारकों और बचाव पर हुई चर्चा
सत्र में टाटा मोटर्स अस्पताल, जमशेदपुर के चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख डॉ. संजय श्रीवास्तव और सामान्य चिकित्सक डॉ. आयुष कुमार विशेषज्ञ वक्ता के रूप में शामिल हुए। दोनों विशेषज्ञों ने हृदय रोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों को समझाया। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर भी जोर दिया। संतुलित खान-पान और नियमित स्वास्थ्य देखभाल को जरूरी बताया। साथ ही जीवनशैली में लगातार सकारात्मक बदलाव करने की सलाह दी।
Heart Health: छोटे बदलावों से मिल सकता है बड़ा फायदा
डॉ. आयुष कुमार ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए बड़े बदलाव जरूरी नहीं हैं। रोजमर्रा की आदतों में छोटे सुधार भी असर डाल सकते हैं। खान-पान, शारीरिक सक्रियता और नियमित स्वास्थ्य जांच पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने हृदय से जुड़ी शुरुआती चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने को भी महत्वपूर्ण बताया। विशेषज्ञों ने कहा कि बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता सबसे जरूरी कदमों में से एक है।
विशेषज्ञों से संवाद को बताया उपयोगी
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होता है। इससे कक्षा में मिली जानकारी को वास्तविक स्वास्थ्य देखभाल से जोड़ने में मदद मिलती है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों की व्यावहारिक समझ बढ़ाने वाला बताया।
प्रति-कुलपति डॉ. अंगद तिवारी ने नर्सिंग पेशेवरों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नर्सिंग क्षेत्र केवल उपचार तक सीमित नहीं है। निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जन-जागरूकता में भी इसकी अहम भूमिका है।
सवाल-जवाब में विद्यार्थियों ने रखे प्रश्न
कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ। विद्यार्थियों ने हृदय स्वास्थ्य और उससे जुड़े जोखिम कारकों पर सवाल पूछे। बचाव और शुरुआती संकेतों से जुड़े प्रश्न भी रखे गए।
विशेषज्ञों ने सवालों के जवाब दिए। उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े व्यावहारिक उपाय भी बताए। इससे विद्यार्थियों को हृदय स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में इनकी रही भूमिका
कार्यक्रम का संयोजन प्रो. जिनु जोसेफ और डॉ. चारु वाधवा ने किया। रोहित और नीलू ने संकाय समन्वयक के रूप में सहयोग दिया।
सत्र के अंत में विद्यार्थियों को निवारक स्वास्थ्य देखभाल की अहमियत समझने का अवसर मिला। साथ ही भविष्य के नर्सिंग पेशेवर के रूप में जन-जागरूकता में अपनी भूमिका को लेकर भी जानकारी मिली।
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