- बच्चों ने तिलक, चरण वंदन और मिष्ठान से किया सम्मान, भावुक हुए बुजुर्ग
Jharkhand: गुमला के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बुधवार को विद्या भारती योजना के तहत दादा-दादी और नाना-नानी सम्मान समारोह का भव्य और भावनात्मक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पारिवारिक संस्कारों और भारतीय मूल्यों से जोड़ना था।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रबंधन समिति के सचिव विजय बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी तथा मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह और मीना देवी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
बच्चों की प्रस्तुति ने जीता दिल
इसके बाद वाटिका वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की मासूम अदाओं और प्रतिभा ने समारोह को यादगार बना दिया।
सम्मान के भावुक क्षण ने बांधा समां
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब बच्चों ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी को तिलक लगाया, मिष्ठान खिलाया और चरण वंदन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस स्नेह और सम्मान को पाकर बुजुर्ग भावुक हो उठे।
संस्कारों में बुजुर्गों की अहम भूमिका
प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने कहा कि बुजुर्ग हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं और नई पीढ़ी को संस्कार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं विजय बहादुर सिंह ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बुजुर्ग अक्सर उपेक्षित महसूस करते हैं, ऐसे कार्यक्रम उन्हें परिवार से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम हैं।
अतिथियों ने की पहल की सराहना
मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हर विद्यालय में होने चाहिए, ताकि पारिवारिक संबंध और मजबूत बन सकें।
कार्यक्रम का सफल संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन उमा कुमारी ने किया, जबकि अतिथि परिचय विकास कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजन की सफलता में आचार्य अर्चना मिश्रा की अहम भूमिका रही।
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