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Cyclone Arnab: हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस रद्द

चक्रवात के खतरे के बीच रेलवे का फैसला, 27 से 31 अक्टूबर तक अलग-अलग तारीखों में नहीं चलेंगी ट्रेनें

Cyclone Arnab के संभावित प्रभाव को देखते हुए रेलवे ने हावड़ा-जगदलपुर संबलेश्वरी एक्सप्रेस को कई दिनों के लिए रद्द कर दिया है। इससे झारखंड के टाटानगर और चक्रधरपुर से यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। ट्रेन संख्या 18005 हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस 27 से 30 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस 28 से 31 अक्टूबर तक नहीं चलेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रेन के परिचालन की स्थिति जरूर जांच लें।

Cyclone Arnab के कारण रेल परिचालन प्रभावित

रेलवे के इस फैसले से उन यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिन्होंने निर्धारित तारीखों में हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस से सफर करने की तैयारी की थी। चक्रवात के कारण रेल परिचालन में सुरक्षा संबंधी बदलाव किए जा रहे हैं। रेलवे ने संबंधित तारीखों में दोनों दिशाओं की ट्रेनें रद्द रखने का निर्णय लिया है। यात्रियों को अपनी टिकट और यात्रा की तारीख के अनुसार जानकारी हासिल करनी चाहिए। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में वैकल्पिक साधनों से यात्रा करने की योजना बनानी पड़ सकती है।

Cyclone Arnab: टाटानगर और चक्रधरपुर के यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत

हावड़ा-जगदलपुर संबलेश्वरी एक्सप्रेस झारखंड के रेल यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। टाटानगर और चक्रधरपुर से इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को रद्दीकरण की तारीखों का खास ध्यान रखना होगा। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कराया है, उन्हें यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। केवल टिकट पर दर्ज समय देखकर स्टेशन के लिए रवाना होना परेशानी का कारण बन सकता है। यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक सूचना के अनुसार ही आगे की योजना बनानी चाहिए।

बंगाल की खाड़ी में तेजी से मजबूत हुआ चक्रवात

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान अर्नब 26 अक्टूबर को गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया था। इसके बाद इसके और मजबूत होने का अनुमान जताया गया। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और आंध्र प्रदेश तथा यानम के तट की ओर पहुंचने की संभावना है। चक्रवात की दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर रखी जा रही है।

आंध्र प्रदेश के तट पर 28 अक्टूबर को पहुंचने का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम के तट को पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। हवा के झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। संबंधित राज्यों के प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में भी अलर्ट

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा के संवेदनशील जिलों में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम विभाग ने दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें। अलग-अलग जिलों में जारी चेतावनियों की स्थिति आधिकारिक बुलेटिन से जांचना जरूरी है।

रेलवे ने यात्रियों को दी ट्रेन का स्टेटस जांचने की सलाह

रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन के परिचालन की ताजा जानकारी प्राप्त करें। इसके लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। ट्रेन रद्द होने या समय-सारिणी में बदलाव से संबंधित सूचना मिलने पर उसी के अनुसार यात्रा की योजना बनानी चाहिए। यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले यह भी सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनकी ट्रेन निर्धारित तारीख पर चल रही है या नहीं।

झारखंड में मौसम के पूर्वानुमान पर भी नजर जरूरी

चक्रवात का मुख्य प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में रहने का अनुमान है। हालांकि, इसके कारण झारखंड के मौसम में क्या बदलाव होगा, इसका आकलन स्थानीय पूर्वानुमान के आधार पर ही किया जाना चाहिए। रांची, जमशेदपुर और राज्य के अन्य जिलों के लोगों को मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए। राज्य के सभी जिलों में समान प्रभाव पड़ने की बात बिना आधिकारिक पूर्वानुमान के नहीं कही जा सकती। फिलहाल रेल यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे ट्रेन रद्द होने की तारीखों का ध्यान रखें और यात्रा से पहले आधिकारिक सूचना की पुष्टि करें।

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