- स्वच्छता पखवाड़ा–2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले स्थित सीएसआईआर-नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी (CSIR NML) में स्वच्छता पखवाड़ा–2026 के अंतर्गत “स्वच्छ भारत मिशन की दिशा में तकनीकी हस्तक्षेप” (Technological Interventions Towards the Mission of Clean India) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्थान में 1 मई से 15 मई तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसके तहत यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
“वेस्ट टू वेल्थ” अवधारणा पर काम कर रहा है सीएसआईआर-एनएमएल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने कहा कि संस्थान “वेस्ट टू वेल्थ” की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकों पर कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
CSIR NML Jamshedpur: स्वच्छ और हरित वातावरण में तकनीक की अहम भूमिका : डॉ. गोपाला कृष्णा
कार्यशाला के संयोजक डॉ. के. गोपाला कृष्णा ने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण में विज्ञान और तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधन पुनर्प्राप्ति प्रणालियों में टिकाऊ एवं नवाचार आधारित तकनीकों को शामिल करना आवश्यक है।
जमशेदपुर ने स्वच्छता में देश के शीर्ष शहरों में बनाई जगह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कृष्ण कुमार ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत छोटे शहरों की श्रेणी में जमशेदपुर ने देश के शीर्ष तीन शहरों में स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि झारखंड नोटिफाइड एरिया कमेटी की ओर से शहर में बड़े स्तर पर कचरा प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए कचरा उत्पादन कम करने से लेकर रिसाइक्लिंग तक हर स्तर पर जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
CSIR NML Jamshedpur: टाटा स्टील यूआईएसएल के प्रयासों की दी जानकारी
विशिष्ट अतिथि योगेश राणा ने टाटा स्टील यूआईएसएल द्वारा शहर को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने आरआरआर केंद्रों, इन्सिनरेशन प्लांट और अन्य टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वैज्ञानिकों ने तकनीकी विषयों पर दिए व्याख्यान
कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिक डॉ. एम.के. झा, डॉ. आलोक मेहर और जय शंकर शरण ने स्वच्छता, रिसाइक्लिंग और तकनीकी हस्तक्षेप से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। वहीं मोंद्रिता चटर्जी ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अपने योगदान और गतिविधियों की जानकारी साझा की।
CSIR NML Jamshedpur: विद्यार्थियों के लिए पोस्टर सत्र और प्रयोगशाला भ्रमण
कार्यशाला में सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के अलावा बहारागोड़ा पॉलिटेक्निक तथा विमेंस यूनिवर्सिटी जमशेदपुर के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता पखवाड़ा–2026 के अध्यक्ष डॉ. जी.के. मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। समापन अवसर पर बहारागोड़ा से आए विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला भ्रमण और पोस्टर सत्र का भी आयोजन किया गया।
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