- 72 घंटे बाद समाप्त हुआ आंदोलन, त्रिपक्षीय वार्ता में निकला समाधान
Jharkhand: Steel Authority of India Limited (सेल) की गुवा लौह अयस्क खदान में 11 मई से जारी अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन बुधवार देर रात समाप्त हो गया। लगभग 72 घंटे तक चले इस आंदोलन के कारण खदान क्षेत्र में लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। यह आंदोलन खदान प्रभावित 19 गांवों के ग्रामीणों, मुंडा-मानकी संघ और स्थानीय युवाओं द्वारा चलाया जा रहा था, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda का समर्थन प्राप्त था।
रोजगार और विस्थापितों को प्राथमिकता की मांग को लेकर जारी था आंदोलन
आंदोलनकारी स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, विस्थापित परिवारों को नौकरी में प्राथमिकता देने और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि सारंडा क्षेत्र से करोड़ों रुपये का लौह अयस्क निकाला जा रहा है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। इसी मांग को लेकर आंदोलनकारी खदान क्षेत्र में धरने पर बैठे थे।
देर रात तक चली त्रिपक्षीय वार्ता
बुधवार शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक प्रशासन, सेल प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच लंबी त्रिपक्षीय वार्ता चली। कई दौर की बातचीत के बाद सभी पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।
ग्राम सभा तैयार करेगी बेरोजगार युवाओं की सूची
समझौते के तहत 19 गांवों के मानकी और मुंडा ग्राम सभा आयोजित कर शिक्षित एवं कार्यकुशल बेरोजगार युवाओं की सूची तैयार करेंगे। यह सूची गुवा थाना प्रभारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से युवाओं के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता के अनुसार योग्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
बाहरी लोगों को नहीं मिलेगी प्राथमिकता
समझौते में यह भी तय किया गया कि रोजगार प्रक्रिया में केवल संबंधित 19 गांवों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। बाहरी लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
वार्ता में शामिल रहे प्रशासन, सेल प्रबंधन और ग्रामीण प्रतिनिधि
वार्ता में सेल प्रबंधन की ओर से सीजीएम माइंस चंद्रभूषण कुमार, सीजीएम एचआर धीरेन्द्र मिश्रा, महाप्रबंधक डॉ. टी.सी. आनंद, महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह और उप महाप्रबंधक अनिल कुमार उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से जगन्नाथपुर एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव, किरीबुरू एसडीपीओ अजय केरकेट्टा, अंचलाधिकारी मनोज कुमार, बीडीओ पप्पू रजक, गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार, किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार और छोटानागरा थाना प्रभारी सैनिक समद मौजूद थे। वहीं आंदोलनकारियों की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, मानकी सुरेश चांपिया, मंगता सुरीन, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी सहित कई ग्रामीण प्रतिनिधि शामिल हुए।
फिर शुरू हुई लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन व्यवस्था
आंदोलन समाप्त होने के बाद देर रात से खदान क्षेत्र में लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन व्यवस्था को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन और सेल प्रबंधन को उम्मीद है कि समझौते के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी रहेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी।
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