- कृषि मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की ने कहा – लाह उत्पादन हमारी परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पहचान
Khunti: राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री Shilpi Neha Tirkey और तोरपा विधायक Sudip Gudiya ने गुरुवार को तोरपा प्रखंड के दियांकेल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में राज्य के पहले लाह बीज बैंक (Bud Lac Bank) के अधिष्ठापन कार्य का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशक अभिजीत कर सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और किसान मौजूद रहे।

सिद्धिकोफेड की योजना के तहत होगा संचालन
यह परियोजना सिद्धू कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड (सिद्धिकोफेड) द्वारा संचालित की जाएगी। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की वर्ष 2025-26 योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगभग दो एकड़ क्षेत्र में लाह बीज उत्पादन किया जाएगा।
Jharkhand Farmers News: “लाह उत्पादन पुरखों की धरोहर”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और आदिवासी समाज की परंपराओं में लाह उत्पादन का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि आज लोग जंगल और प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, जबकि लाह उत्पादन ग्रामीण आजीविका का मजबूत आधार है। उन्होंने किसानों से केवल धान पर निर्भर नहीं रहने और मड़ुवा, मक्का जैसी वैकल्पिक खेती अपनाने की अपील की। मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार मड़ुवा खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को तीन हजार रुपये तक की सहायता दे रही है तथा राज्य में एक लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ लाह उत्पादन है और अब “लाह, लाख बन गया है।” उन्होंने इसे “काला सोना” बताते हुए कहा कि तोरपा क्षेत्र में लाह उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और पंचायत स्तर तक कृषि एवं लाह उत्पादन कार्यक्रम चलाने की अपील की। विधायक ने कहा कि जंगलों में पाए जाने वाले कुसुम और बेर जैसे पेड़ लाह उत्पादन का मजबूत आधार हैं और इससे किसानों की आय में बड़ा बदलाव आ सकता है।

Jharkhand Farmers News: किसानों के लिए प्रशिक्षण और सहायता की जानकारी
मंत्री ने कहा कि किसानों को योजनाओं की जानकारी और प्रशिक्षण लेना बेहद जरूरी है। नामकुम स्थित प्रशिक्षण केंद्र में किसानों को मुफ्त आवास, भोजन और प्रतिदिन 400 रुपये की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर किसान अंचल कार्यालय में आवेदन देकर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।
Jharkhand Farmers News: कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। अंत में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष दीपक राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, सांसद प्रतिनिधि पीटर मुंडू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, अंचलाधिकारी पूजा बिनहा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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