रेलवे फाटक जाम कर मुआवजे की मांग पर अड़े आक्रोशित ग्रामीण, स्कूटी सवार की मदद करने जुटे थे लोग तभी हुआ भीषण हादसा
Khunti Road Accident: झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर जोने-लुदरू मोड़ के समीप घटी। इस वीभत्स दुर्घटना से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह कर्रा रेलवे फाटक के पास मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। गुस्साए ग्रामीण हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के पीड़ित परिजनों के लिए उचित सरकारी मुआवजा, आश्रितों को आर्थिक सहायता और खूनी बन चुके इस मार्ग पर ठोस सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के सड़क पर उतरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
Khunti Road Accident: स्कूटी सवार को बचाने आए थे ग्रामीण, 18 चक्का भारी ट्रक ने छीनीं 7 जिंदगियां
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार रात करीब 9:45 बजे की है। जोने-लुदरू मोड़ के पास एक स्कूटी चालक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पुलिया के समीप झाड़ियों में गिर गया था। दुर्घटना की आवाज सुनकर पास की बस्ती के कई ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे स्कूटी सवार की मदद करने और उसे बाहर निकालने पहुंचे थे।
लोग राहत कार्य में जुटे ही थे कि तभी तोरपा की ओर से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार अनियंत्रित 18 पहिया ट्रक ने सड़क किनारे खड़े निर्दोष लोगों को सीधे रौंद डाला। टक्कर इतनी भयानक थी कि छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अस्पताल ले जाते समय एक अन्य ने प्राण त्याग दिए। टक्कर मारने के बाद ट्रक पुलिया को तोड़ते हुए गड्ढे में जा गिरा। हादसे के बाद चालक और खलासी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
Khunti Road Accident: कई घरों के बुझे चिराग, मृतकों में मासूम बच्चे और महिलाएं शामिल
इस भीषण हादसे ने पूरे कर्रा क्षेत्र को शोक के सागर में डुबो दिया है। मृतकों में चार महिलाएं और तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। मृतकों की पहचान करमी लोहराइन (55), जसवंती देवी (40), अग्नि सांगा (35), कौशल्या देवी (40), अंजलि कुमारी (18), सुभानी कुमारी (11) और सोनी कुमारी (9) के रूप में हुई है। वहीं एक घायल बच्ची खुशबू कुमारी का इलाज खूंटी सदर अस्पताल में गहन निगरानी में चल रहा है।
एक ही बस्ती के सात लोगों की एक साथ मौत से परिजनों में चीत्कार मची हुई है। चारों तरफ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला।
रेलवे फाटक पर डटे रहे ग्रामीण, थाना प्रभारी राजू कुमार और प्रशासनिक अधिकारी समझाने में जुटे
शुक्रवार सुबह शवों के पोस्टमार्टम और घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीण लामबंद हो गए। सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष कर्रा रेलवे फाटक पहुंचे और लकड़ी के लट्ठे व पत्थर रखकर मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही कर्रा थाना प्रभारी राजू कुमार भारी पुलिस बल और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने और जाम हटाने के लिए कई दौर की वार्ता की। अधिकारियों ने सरकारी प्रावधानों के तहत त्वरित मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण तत्काल लिखित आश्वासन, वरीय अधिकारियों की मौजूदगी और तीखे मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग पर अड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक इलाके में भारी तनाव बना रहा और प्रशासन ग्रामीणों को मनाने के प्रयास में जुटा रहा।
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