छोटे भाई राजकुमार भगत ने जताई राजनीतिक दबाव की आशंका, कहा- बहन आत्महत्या नहीं कर सकती थी, निष्पक्ष जांच की मांग
Nisha Bhagat Death : आदिवासियों के अधिकारों और हितों के लिए संघर्ष करने वाली निशा भगत की मौत का मामला अब सवालों के घेरे में है। उनकी मौत को लेकर परिवार ने संदेह जताया है। चाईबासा में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत उनके छोटे भाई राजकुमार भगत ने बहन की मौत को संदिग्ध बताया है। उनका कहना है कि निशा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थीं। राजकुमार ने आशंका जताई है कि राजनीतिक दबाव के कारण उनकी बहन की जान गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
Nisha Bhagat Death: राजनीतिक दबाव में रहने की बात कही
राजकुमार भगत के अनुसार, उनकी बहन पिछले कुछ समय से राजनीतिक दबाव के कारण काफी परेशान रहती थीं। आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को उठाने और अपने विचारों को खुलकर रखने के कारण उन्हें तनाव का सामना करना पड़ रहा था। परिवार के लोगों को भी उनकी स्थिति को लेकर चिंता रहती थी। हालांकि, राजकुमार ने स्पष्ट कहा कि उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है कि निशा अपनी मर्जी से अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठा सकती थीं।
उन्होंने कहा कि बहन की मौत के पीछे की परिस्थितियों को सामने लाना जरूरी है। केवल शुरुआती आशंकाओं के आधार पर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस को हर पहलू की बारीकी से जांच करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मौत से पहले फेसबुक लाइव पर आई थीं निशा भगत
निशा भगत की मौत से पहले का घटनाक्रम भी चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार को अपनी मौत से कुछ घंटे पहले वह फेसबुक पर लाइव आई थीं। करीब 10 से 11 मिनट के इस वीडियो में उन्होंने आदिवासी अधिकारों से जुड़े संघर्ष, कथित परेशानियों और प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की बात कही थी।
वीडियो में उन्होंने कुछ लोगों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने अपनी सुरक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित उनके आवास पर उनका शव मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा था। पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई थी, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
Nisha Bhagat Death: मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
निशा भगत की मौत के बाद उनके परिवार और आदिवासी समाज के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। राजकुमार भगत ने मांग की है कि जांच के दौरान उनकी बहन के फेसबुक लाइव, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों और मौत से पहले की परिस्थितियों को गंभीरता से देखा जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका इस घटना में सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच के जरिए न्याय मिलना चाहिए।
फिलहाल इस मामले में राजनीतिक दबाव को लेकर राजकुमार भगत की ओर से जताई गई आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निशा भगत की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
आदिवासी समाज के मुद्दों पर मुखर थीं निशा
निशा भगत आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी आवाज उठाती रही थीं। वह आदिवासी अधिकारों, सामाजिक पहचान और समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर सक्रिय थीं। उनके निधन के बाद इन मुद्दों को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।
अब परिवार की मांग है कि उनकी मौत की जांच किसी दबाव या पूर्वधारणा से प्रभावित हुए बिना की जाए। राजकुमार भगत ने साफ कहा है कि जब तक मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब नहीं मिल जाते, तब तक परिवार को संतोष नहीं होगा। उनकी मांग है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
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