गृह मंत्रालय ने आवेदन फॉर्म को किया बेहद आसान, 70 फीसदी गैर-जरूरी कॉलम हटाकर विदेशी पर्यटकों व कारोबारियों को दी बड़ी राहत
MHA Visa Reform: केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने वीजा व्यवस्था को बेहद सरल, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने विदेशी नागरिकों और भारतीय मूल के प्रवासियों के लिए भारत आगमन की प्रक्रिया को आसान करने की व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत वीजा की मुख्य श्रेणियों की कुल संख्या 13 से घटाकर अब केवल 9 करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही वीजा आवेदन फॉर्म में भरने वाले लगभग 70 प्रतिशत खानों (फील्ड्स) को हमेशा के लिए समाप्त किया जा रहा है। सरकार के इस कदम से पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नए आयाम मिलेंगे।
MHA Visa Reform : वीजा नियमावली 2019 की समीक्षा, अगस्त बैठक में बनी व्यापक सहमति
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कवायद ‘वीजा नियमावली, 2019’ (Visa Manual 2019) की व्यापक समीक्षा के तहत की जा रही है। नियमों की समीक्षा के दौरान यह महसूस किया गया कि वर्तमान प्रक्रिया में कई जटिलताएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमावली के विभिन्न अध्यायों के साथ-साथ परिशिष्ट एक और परिशिष्ट दो में आवश्यक संशोधनों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस पूरी सुधार प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वीजा जारी करने के प्रारूप को सुव्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है।
इस सुधार को लेकर गृह मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के बीच बीते अगस्त महीने में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भारतीय वीजा व्यवस्था को पूरी तरह से तर्कसंगत, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दुनिया भर के यात्रियों और निवेशकों के लिए भारत को एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के मकसद से नियमों को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढाला जा रहा है।
MHA Visa Reform : उप-श्रेणियों पर भी चली कैंची, 49 से घटकर रह गईं महज 23
मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केवल मुख्य श्रेणियों में ही कटौती नहीं की गई है, बल्कि उप-श्रेणियों (Sub-categories) को भी काफी सीमित कर दिया गया है। पहले विभिन्न उद्देश्यों के लिए वीजा की कुल 49 उप-श्रेणियां चलन में थीं। नए नियमों के लागू होने के बाद इनकी संख्या घटकर मात्र 23 रह जाएगी। इससे दूतावासों और उच्चायोगों में तैनात वीजा अधिकारियों के साथ-साथ आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों के बीच किसी तरह का असमंजस नहीं रहेगा।
पहले कई श्रेणियां एक जैसी प्रकृति की थीं। इससे आवेदकों को सही वर्ग चुनने में परेशानी उठानी पड़ती थी। अब श्रेणियों के विलय और सुव्यवस्थित वर्गीकरण से आवेदन की जांच प्रक्रिया भी काफी तेज हो जाएगी। पर्यटन, व्यापार, चिकित्सा, अध्ययन और सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए विशेष तौर पर सरल प्रारूप तैयार किए जा रहे हैं।
वीजा फॉर्म के 70 फीसदी कॉलम खत्म, गैर-जरूरी और दोहराव वाली जानकारियों से मुक्ति
केंद्र सरकार का सबसे बड़ा और व्यावहारिक फैसला वीजा आवेदन प्रपत्र (एप्लिकेशन फॉर्म) को छोटा करना है। प्रपत्र में भरे जाने वाले करीब 70 प्रतिशत खाली स्थानों यानी कॉलमों को हटाया जा रहा है। जांच में पाया गया था कि आवेदन पत्र में कई ऐसी जानकारियां मांगी जाती थीं जो या तो पूरी तरह अनावश्यक थीं या फिर एक ही जानकारी को बार-बार अलग-अलग खानों में दोहराया जाता था।
इन दोहराव वाली और पेचीदा जानकारियों को हटाने से पूरा आवेदन प्रपत्र उपयोगकर्ता के अनुकूल (User-Friendly) बन जाएगा। अब आवेदक बेहद कम समय में और बिना किसी बाहरी मदद के स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। इससे न केवल विदेशी नागरिकों के बहुमूल्य समय की बचत होगी, बल्कि भारतीय सुरक्षा और आव्रजन एजेंसियों को भी डेटा विश्लेषण में काफी सहूलियत मिलेगी। जल्द ही इस नई व्यवस्था को ऑनलाइन पोर्टल पर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
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