पोस्ट ऑफिस चौक पर विरोध प्रदर्शन, अमेजॉन-फ्लिपकार्ट के बजाय स्थानीय दुकानों से खरीदारी की अपील
Chaibasa Swadeshi Manch: विदेशी उत्पादों पर देश की निर्भरता समाप्त करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की मांग तेज हो गई है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित पोस्ट ऑफिस चौक पर सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ‘स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में चीनी उत्पादों का पुरजोर विरोध किया गया। मंच ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों के बहिष्कार का खुला आह्वान किया। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी विदेशी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों से खरीदारी न करने की अपील आम जनता से की।
Chaibasa Swadeshi Manch ने छोटे व्यापारियों को बताया देश की रीढ़
प्रदर्शन सभा को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ता श्यामल दास ने कहा कि छोटे व्यापारी और फुटपाथ दुकानदार हमारी अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार हैं। जब कोई उपभोक्ता ऑनलाइन कंपनियों से सामान मंगाता है, तो स्थानीय बाजारों की पूंजी बाहर चली जाती है। लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के मोह से बाहर निकलना चाहिए। अपने घर के आसपास के किराना और खुदरा दुकानदारों से खरीदारी करनी चाहिए। इससे स्थानीय दुकानदारों को आर्थिक संबल मिलेगा। इसके साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने रोजमर्रा के जीवन में स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली हर छोटी-बड़ी वस्तु की खरीदारी करते समय स्वदेशी उत्पाद चुनना ही सच्ची देशभक्ति है।
Chaibasa Swadeshi Manch ने दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने का दिया संदेश
मंच ने आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर आम नागरिकों से विशेष अपील की। श्यामल दास ने कहा कि लोग चाइनीज झालरों, प्लास्टिक के सजावटी सामानों और विदेशी पटाखों से पूरी तरह दूरी बनाएं। इसके स्थान पर हमारे पारंपरिक कुम्हारों द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के दीयों को ही अपने घरों में रोशन करें। जब हम मिट्टी के दीये खरीदेंगे, तो स्थानीय प्रजापति समाज और माटी शिल्पकारों के घरों में भी खुशियों के दीप जलेंगे। इससे स्थानीय कुम्हारों को प्रत्यक्ष रोजगार और बेहतर आमदनी मिलेगी। पारंपरिक कारीगरों के हुनर को नया बाजार मिलेगा और हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने लोगों से स्वदेशी को अपनी नियमित जीवनशैली और आदत में शामिल करने का पुरजोर आग्रह किया।
पोस्ट ऑफिस चौक पर गूंजे स्वदेशी के नारे, जनजागरण का लिया संकल्प
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने ‘स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ’, ‘चीनी सामानों का बहिष्कार करो’ और ‘स्थानीय व्यापारियों को मजबूत करो’ जैसे नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि हर जागरूक नागरिक अपनी छोटी-सी खरीद से देश की आर्थिक संप्रभुता को मजबूत बना सकता है। जब तक विदेशी सामानों की जगह स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा। मंच ने शहर के विभिन्न वार्डों और ग्रामीण हाट-बाजारों में भी जाकर इस जनजागरण अभियान को लगातार चलाने का फैसला लिया है। आम लोग अपनी आदतें बदलकर स्थानीय व्यापार को पंख दे सकते हैं।
विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे मंच के ये प्रमुख कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी
चाईबासा में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और मंच के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्यामल दास के साथ रामवतार राम, रवि और जय किशन बिरूली ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इसके अलावा रितेश कुमार, पिंटू गौचंद मुखी, दुर्योधन पान, बलराम प्रजापति, जीवन प्रजापति, गुलशन बिरूवा, सोमनाथ गागराई और प्रदुमन महतो सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में स्वदेशी आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाने और चीनी उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए जन-अभियान चलाने का साझा संकल्प लिया।
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