गम्हरिया थाना कांड में पीड़िता की मदद के लिए पैनल अधिवक्ता और पीएलवी नियुक्त, एसपी को भेजा पत्र
Gamharia News: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना में महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सक्रिय हो गया है। प्राधिकरण ने पीड़िता को कानूनी सहायता और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए हैं। इसके तहत एक पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया गया है। साथ ही पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) को पीड़िता के घर भेजा गया है। DLSA ने जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर थानों में महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। दूसरी ओर, मामले में अब तक आरोपी सिपाही समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी और 15 पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।
Gamharia News: पीड़िता के घर पहुंचेगा PLV, मुफ्त कानूनी सहायता की व्यवस्था
DLSA के सचिव तौफीक मेराज ने बताया कि पीडीजे सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन रमाशंकर सिंह के निर्देश पर पीड़िता के घर पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) को भेजा गया है। पीएलवी को पीड़िता की जरूरतों और कानूनी सहायता से जुड़े पहलुओं पर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पीड़िता को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक पैनल अधिवक्ता भी नियुक्त किया गया है। इससे पीड़िता को कानूनी प्रक्रिया समझने और न्यायिक लड़ाई में मदद मिलेगी। प्राधिकरण यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पीड़िता न्याय पाने से वंचित न रहे।
DLSA सचिव के अनुसार, जिला प्रशासन को भी पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है। इसमें पीड़िता को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। साथ ही उसके पुनर्वास और उचित मुआवजे के लिए भी पहल शुरू कर दी गई है। सचिव स्वयं पीड़िता से मिलकर घटना और उसकी वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ले रहे हैं।
थानों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर एसपी को पत्र
इस मामले में DLSA ने पुलिस व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया है। सचिव तौफीक मेराज ने बताया कि जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में थानों में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
प्राधिकरण का कहना है कि किसी महिला की शिकायत दर्ज करने या उससे पूछताछ करने के दौरान महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी जरूरी है। इससे महिला फरियादियों को अपनी बात रखने में सहूलियत होगी। साथ ही पुलिस थानों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े जरूरी प्रावधानों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
क्या है DLSA और पीड़िताओं के लिए इसकी भूमिका?
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यानी DLSA का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और असहाय लोगों को न्यायिक प्रक्रिया में मदद देना इसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
ऐसे मामलों में प्राधिकरण पीड़ितों को पैनल अधिवक्ता उपलब्ध कराने के साथ कानूनी सलाह और पुनर्वास संबंधी सहायता भी दिलाने की पहल करता है। गम्हरिया मामले में भी DLSA ने इसी दिशा में कदम उठाए हैं। प्राधिकरण की सक्रियता से पीड़िता को कानूनी लड़ाई के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
29 अक्टूबर की रात थाने में हुई थी कथित वारदात
मामला 29 अक्टूबर की रात का है। गम्हरिया थाना क्षेत्र के दुग्धा पंचायत की रहने वाली 20 वर्षीय महिला अपने पति के साथ विवाद के बाद सुरक्षा की मांग लेकर थाने पहुंची थी। उसे आशंका थी कि घर लौटने पर उसके साथ मारपीट हो सकती है।
आरोप है कि थाने के भीतर एक कमरे में देर रात तैनात वायरलेस ऑपरेटर सिपाही नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने इसका विरोध किया। इस दौरान उसे चोट भी आई। शिकायत के अनुसार, संघर्ष के दौरान महिला ने कमरे में रखे चाकू से आरोपी की एक उंगली काट दी।
आरोप है कि अगले दिन सुबह पुलिसकर्मियों ने पीड़िता को 700 रुपये दिए और उसे मायके चले जाने को कहा। इसके बाद महिला ने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी। 31 अक्टूबर को उसने गम्हरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू हुई।
तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार, 15 निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी की जांच के बाद आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा के अलावा सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार साहू और कांस्टेबल संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
वहीं, मामले में लापरवाही और कर्तव्य में चूक के आरोप में गम्हरिया थाना प्रभारी समेत कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें थाना प्रभारी संजय प्रसाद सहित अलग-अलग पदों पर तैनात पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
एसआईटी कर रही जांच, एसपी ने निष्पक्ष कार्रवाई का दिया भरोसा
सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। उन्होंने कहा है कि जांच में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने पुलिस थानों में महिला फरियादियों की सुरक्षा और महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब DLSA की पहल से पीड़िता को कानूनी सहायता, मुआवजा और पुनर्वास का लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, पूरे मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
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