आठ सदस्यीय SIT करेगी जांच, हाईकोर्ट ने 19 नवंबर तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट
Anushka Chakraborty Case: झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जांच तेज करने की तैयारी है। मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि मामले की जांच के लिए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। इस टीम का नेतृत्व हजारीबाग सदर एसडीपीओ कर रहे हैं। सरकार ने अदालत को जांच में तेजी लाने की जानकारी दी। कोर्ट ने अनुसंधान की प्रगति रिपोर्ट 19 नवंबर तक पेश करने का निर्देश दिया है।
Anushka Chakraborty Case: हाईकोर्ट ने पहले भी जांच तेज करने और वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी देने का दिया था निर्देश
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विकास कुमार ने पक्ष रखा। इससे पहले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अनुसंधान में तेजी लाने का निर्देश दिया था। अदालत ने जांच की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपने को भी कहा था। अब सरकार की ओर से आठ सदस्यीय एसआईटी गठित किए जाने की जानकारी दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जांच की प्रगति से उसे अवगत कराया जाए। अगली सुनवाई में जांच से संबंधित रिपोर्ट पेश की जानी है।
Anushka Chakraborty Case: अनुष्का चक्रवर्ती की मौत के बाद परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
अनुष्का चक्रवर्ती का शव हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में मिला था। वह झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता थीं। उनकी मौत के बाद परिवार ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। मृतका के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने उनके पति कुशाग्र रुद्र और उनके माता-पिता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा हत्या किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। मामले में किसी की दोषसिद्धि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करनी है।
भाई देवजीत चक्रवर्ती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्वतंत्र जांच की मांग की
अनुष्का के भाई देवजीत चक्रवर्ती की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की गई है। याचिका में उनकी बहन की मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया गया है। प्रार्थी ने घटना को संदिग्ध बताते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। परिवार चाहता है कि मौत से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जाए। इसी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। अब अदालत ने जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है, जिससे मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी सामने आएगी।
तीन घंटे के भीतर दो बार पोस्टमार्टम होने पर उठे सवाल, रिपोर्ट की जांच अहम
सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। याचिका में दावा किया गया कि करीब तीन घंटे के भीतर अनुष्का का दो बार पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों ने इस प्रक्रिया को लेकर संदेह जताया है। इसके अलावा, शव मिलने की परिस्थितियों और शरीर पर चोट के निशान होने की बात भी उठाई गई थी। इन दावों की पुष्टि संबंधित मेडिकल रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी। ऐसे में पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेज, घटनास्थल की स्थिति और अन्य साक्ष्य जांच के लिए महत्वपूर्ण हैं।
पति कुशाग्र रुद्र ने 29 अक्टूबर को किया आत्मसमर्पण, पुलिस कर चुकी है पूछताछ
इस मामले में अनुष्का के पति कुशाग्र रुद्र ने 29 अक्टूबर को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जांच में अब घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा। इसमें परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप, घटनास्थल की परिस्थितियां और उपलब्ध साक्ष्य शामिल हैं। जांच दल को इन सभी बिंदुओं की पड़ताल कर तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
हाईकोर्ट में 19 नवंबर को पेश होगी जांच की प्रगति रिपोर्ट, अगली सुनवाई पर नजर
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 19 नवंबर तक अनुसंधान की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट से अदालत को अब तक हुई कार्रवाई और जांच की दिशा की जानकारी मिलेगी। आठ सदस्यीय एसआईटी के गठन के बाद जांच की प्रगति पर विशेष ध्यान रहेगा। अनुष्का के परिजन मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि सरकार को अदालत के सामने जांच से जुड़ी जानकारी रखनी है। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
Read also: Tata Steel Sports: टाटा स्टील की पहल से निखर रहीं खेल प्रतिभाएं


