लातेहार के युवा अधिवक्ता को मिला जिला प्रतिनिधित्व का मौका, छह महीने के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में होंगे शामिल
Latehar News: लातेहार के युवा अधिवक्ता रिषभ रंजन का चयन न्याय तक पहुंच अभियान (Justice Access Initiative) के दूसरे बैच के लिए किया गया है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में संचालित इस पहल का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक कानूनी सहायता पहुंचाना है। इसके साथ ही युवा अधिवक्ताओं को विधिक शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा है। रिषभ रंजन लातेहार जिले के प्रतिनिधि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह लातेहार सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार के पुत्र हैं।
Latehar News: झारखंड के सभी जिलों से चुने गए युवा अधिवक्ता
इस कार्यक्रम में झारखंड के सभी जिलों से पांच वर्ष से कम अनुभव वाले युवा अधिवक्ताओं को जिला प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया गया है। लातेहार से रिषभ रंजन का चयन इसी प्रक्रिया के तहत हुआ है। इस जिम्मेदारी के माध्यम से उन्हें जिले में विधिक सहायता से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
न्याय तक पहुंच अभियान के तहत विचाराधीन कैदियों को विधिक सहायता सेवाएं उपलब्ध कराने और युवा अधिवक्ताओं को निरंतर कानूनी शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। इस पहल का नाम Project for Legal Aid Services to Undertrial Prisoners and Continuous Legal Education है। इसका संक्षिप्त नाम Project JAI है। कार्यक्रम में युवा वकीलों को कानूनी सहायता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
Latehar News: छह माह तक चलेगा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रेस रिलीज के अनुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल छह माह का होगा। इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम का पहला चरण 30 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध प्रेस रिलीज में वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावसायिक आचरण, अधिवक्ता नैतिकता और प्रभावी पैरवी से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और उससे जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य युवा अधिवक्ताओं को पेशेवर रूप से दक्ष बनाना है। उन्हें अदालत में मामलों की पैरवी करने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को कानूनी मदद देने के लिए भी तैयार किया जाएगा।
फील्ड वर्क के जरिए मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
कार्यक्रम में कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ फील्ड वर्क को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच काम करने का अवसर मिलेगा। उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान एसिड अटैक पीड़ितों और घरेलू हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही LGBTQ+ समुदाय के लोगों को कानूनी सहायता देने के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों से जुड़े मामलों को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। इसके अलावा वंचित बच्चों और किशोर न्याय से संबंधित मामलों में भी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को बताया जाएगा कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और प्रभावित लोगों को किस प्रकार सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
विचाराधीन कैदियों को कानूनी सहायता देना प्रमुख उद्देश्य
न्याय तक पहुंच अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य विचाराधीन कैदियों को समय पर विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। विचाराधीन कैदी वे लोग होते हैं, जिनके मामलों में अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया होता है। ऐसे लोगों को कानूनी सलाह और प्रभावी पैरवी की जरूरत होती है।
आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कई लोग अपने मुकदमों की पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता की सेवा नहीं ले पाते। ऐसी स्थिति में विधिक सेवा व्यवस्था उनके लिए महत्वपूर्ण होती है। कानूनी सहायता मिलने से उन्हें अपने अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी मिलती है।
इस अभियान के माध्यम से युवा अधिवक्ताओं को ऐसे मामलों में सहायता देने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे जरूरतमंद लोगों तक कानूनी सेवाएं पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
युवा वकीलों की पेशेवर दक्षता बढ़ाने पर जोर
इस पहल का उद्देश्य युवा अधिवक्ताओं को कानून की जानकारी देने के साथ उनकी सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
फील्ड वर्क से उन्हें अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलेगा। इससे वे जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। साथ ही, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल भी विकसित कर सकेंगे।
रिषभ रंजन के चयन पर लातेहार में खुशी
लातेहार जिले से रिषभ रंजन का चयन होने पर स्थानीय अधिवक्ताओं और अन्य गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के दौरान हासिल अनुभव का लाभ वह जिले के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएंगे।
रिषभ रंजन के लिए यह कार्यक्रम अपने कानूनी ज्ञान और पेशेवर अनुभव को बढ़ाने का अवसर होगा। जिला प्रतिनिधि के रूप में उन्हें अन्य जिलों के युवा अधिवक्ताओं के साथ काम करने और अपने विचार साझा करने का मौका मिलेगा। इससे लातेहार में विधिक जागरूकता और कानूनी सहायता से जुड़े प्रयासों को भी आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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