सरकार ने दी पेपर लीक और नेपाल में रटवाने की दलील, शुक्रवार को जेपीएससी परीक्षाओं पर होगी सुनवाई
JSSC CGL Hearing: जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्दीकरण पर सुनवाई पूरी हुई। सुनवाई पूरी कर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई। विज्ञापन संख्या 10/2023 रद्द करने के खिलाफ कई याचिकाएं थीं। अभ्यर्थियों और सरकार के बीच तीखी कानूनी बहस हुई। अब सभी की निगाहें आने वाले फैसले पर हैं। अदालत का निर्णय हजारों युवाओं का भविष्य तय करेगा।
JSSC CGL Hearing: परीक्षा में सिस्टम की विफलता और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की दलील
राज्य सरकार की ओर से मीनाक्षी अरोड़ा पेश हुईं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में मजबूत पक्ष रखा। उन्होंने परीक्षा रद्दीकरण के फैसले को सही ठहराया। परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी पूरी तरह विफल रही। एजेंसी ने प्रश्नपत्र को लीक होने दिया। अभ्यर्थियों को उत्तर नेपाल में रटवाए गए थे। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो गई।
JSSC CGL Hearing: दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करना असंभव
मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि जनविश्वास कायम रहना जरूरी है। अनुसंधान में पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिले हैं। बड़े पैमाने पर पर्चा लीक होने से पहचान मुश्किल है। दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करना असंभव था। इसलिए राज्य कैबिनेट ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। अनुसंधान में कई अहम और चौंकाने वाले दस्तावेज मिले हैं।
ब्लैक लिस्टेड एजेंसी और मास्टरमाइंड अभय तिवारी की गिरफ्तारी पर उठे सवाल
हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सिस्टम की विफलता है। ब्लैक लिस्टेड एजेंसी को परीक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। एजेंसी ने जानबूझकर प्रश्नपत्र को लीक कराया। लीक पर्चा बड़े स्तर पर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद नए तथ्य सामने आए। गड़बड़ियों के कारण योग्य अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पाया। आकाश गौरव एवं अन्य ने इसके खिलाफ याचिका लगाई है। निरोज खेस एवं अन्य ने भी याचिका दायर की है।
शुक्रवार को जेपीएससी सीडीपीओ और सिविल सेवा रद्दीकरण पर होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई का नया समय तय किया। शुक्रवार को सुबह 11 बजे अन्य परीक्षाओं पर सुनवाई होगी। इसमें जेपीएससी द्वारा आयोजित सीडीपीओ परीक्षा शामिल है। 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा पर भी सुनवाई होगी। फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा मामले पर भी बहस होगी। इन नियुक्तियों को रद्द करने को चुनौती दी गई। लाखों अभ्यर्थियों की नजरें अब हाईकोर्ट पर टिकी हैं। अदालत का फैसला भर्ती प्रक्रिया को नई दिशा देगा।
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