रांची और जमशेदपुर में अबुआ-आयुष्मान लाभुकों का होगा इलाज, कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही लागू होगी व्यवस्था
Jharkhand ESIC Scheme: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की बड़ी तैयारी है। ईएसआईसी (ESIC) की सेवाएं अब ग्रामीण स्तर तक पहुंचेंगी। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को इससे जोड़ा जाएगा। राज्य के करीब छह लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में ठोस पहल की है। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बैठक की। कैबिनेट की मुहर लगते ही नई व्यवस्था शुरू होगी। श्रमिकों के परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
Jharkhand ESIC Scheme: बीमित श्रमिकों को प्रतिवर्ष मिलेगी वित्तीय सहायता
प्रस्ताव के तहत स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाया जाएगा। ईएसआईसी से संबद्ध व्यक्तियों को वित्तीय मदद मिलेगी। प्रति संबद्ध बीमित व्यक्ति को एक हजार रुपये दिए जाएंगे। यह राशि प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उपलब्ध होगी। राज्य में लगभग 1.50 लाख बीमित श्रमिक पंजीकृत हैं। उनके परिजनों को मिलाकर छह लाख लाभार्थी लाभान्वित होंगे। वर्तमान में राज्य में 21 ईएसआईसी डिस्पेंसरी चल रही हैं। नई व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बहुत बढ़ेगा। मजदूरों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
Jharkhand ESIC Scheme: रांची और जमशेदपुर में मिलेगा दोहरी योजनाओं का लाभ
रांची और जमशेदपुर स्थित ईएसआईसी केंद्रों में विशेष सुविधा होगी। यहां मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही आयुष्मान भारत के लाभुक भी इलाज करा सकेंगे। दोनों बड़े शहरों के केंद्रों को मॉडल बनाया जाएगा। श्रमिकों के साथ आम गरीब परिवारों को भी राहत मिलेगी। अब उन्हें बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा। इस व्यवस्था से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बोझ भी घटेगा। स्वास्थ्य कार्ड धारकों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा।
विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय मजबूत करने को कहा। श्रम और स्वास्थ्य विभाग मिलकर पूरी कार्ययोजना बनाएंगे। बैठक में ईएसआईसी के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुविधाओं के विस्तार पर सहमति जताई है। दूरदराज के क्षेत्रों में दवा वितरण व्यवस्था सुधरेगी। जांच और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं गांवों में मिलेंगी। श्रमिकों के हित में यह बड़ा फैसला है। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नया बदलाव आएगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद धरातल पर उतरेगी योजना
प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर कैबिनेट भेजा जा रहा है। सरकार से हरी झंडी मिलते ही प्रक्रिया शुरू होगी। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर नोडल अफसर तय होंगे। बीमित कर्मचारियों का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। इससे मरीजों को कहीं भी पहचान पत्र पर इलाज मिलेगा। झारखंड सरकार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ कर रही है। असंगठित और संगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों को लाभ होगा। राज्य में सामाजिक सुरक्षा का दायरा और अधिक व्यापक बनेगा। हर जरूरतमंद तक सरकारी योजना का सीधा लाभ पहुंचेगा।
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