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HomecrimeHazaribagh Land Scam: सरकारी जमीन फर्जीवाड़े में तीन गिरफ्तार, एसीबी का एक्शन

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Hazaribagh Land Scam: सरकारी जमीन फर्जीवाड़े में तीन गिरफ्तार, एसीबी का एक्शन

मुकुंदगंज से दबोचे गए तीन आरोपी, तत्कालीन अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मियों से जुड़े हैं तार

Hazaribagh Land Scam: हजारीबाग में जमीन घोटाले पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शिकंजा कसा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार सात अक्टूबर 2026 को की गई। सरकारी और वन भूमि की अवैध बिक्री का मामला है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसीबी की इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप है। मामले की तहकीकात काफी तेजी से आगे बढ़ रही है।

Hazaribagh Land Scam: मुकुंदगंज के तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बुजुर्ग हैं। इनमें 68 वर्षीय विशेश्वर प्रजापति शामिल है। दूसरा आरोपी 62 वर्षीय शंकर प्रजापति है। तीसरा आरोपी 61 वर्षीय रामगति गुप्ता है। ये तीनों हजारीबाग के नयखाप टोला मुकुंदगंज के निवासी हैं। आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। फर्जी कागजात के आधार पर जमीन बेची गई। एसीबी की टीम ने पुख्ता सुराग पर इन्हें दबोचा। इनके खिलाफ अदालत से वारंट जारी हुआ था।

Hazaribagh Land Scam: अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों से सांठगांठ का खुलासा

जांच में बड़े प्रशासनिक गठजोड़ का खुलासा हुआ है। तत्कालीन अंचलाधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अंचल निरीक्षक और राजस्व उपनिरीक्षक पर भी गंभीर आरोप हैं। इन कर्मियों ने मिलीभगत कर अवैध दाखिल-खारिज किया। सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन बेची गई। भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया गया। कई अधिकारी और भू-माफिया पहले ही जेल जा चुके हैं।

वन भूमि और गैरमजरूआ जमीन के बदले गए रिकॉर्ड

जांच एजेंसी के अनुसार यह करोड़ों का भूमि घोटाला है। सरकारी और वन भूमि को निजी बताकर बेचा गया। फर्जी हुकूमनामा और लगान रसीद तैयार की गई थी। अंचल कार्यालय के मूल अभिलेखों से छेड़छाड़ की गई। बिना भौतिक सत्यापन के दाखिल-खारिज स्वीकृत किए गए। सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री लंबे समय से थी। कई रसूखदार खरीदारों ने यह विवादित जमीन खरीदी। अब उनके वित्तीय लेन-देन की पड़ताल हो रही है।

जांच का दायरा बढ़ा, कई और लोगों पर लटक रही तलवार

एसीबी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जब्त किए गए जमीन दस्तावेजों का मिलान हो रहा है। बैंक खातों के संदिग्ध लेन-देन भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं। सरकारी जमीन कब्जाने वाले गिरोह की सूची तैयार है। सरकारी जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। पूरी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।

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