तेतुलिया में 103 एकड़ वन भूमि के म्यूटेशन का मामला, भू-माफिया के खर्च पर पुरुलिया जांच करने जाते थे पूर्व सीओ
Bokaro Land Scam: बोकारो के चर्चित तेतुलिया वन भूमि घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। बर्खास्त सीओ निर्मल कुमार टोप्पो ने जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पद पर रहते हुए रिश्वत ली थी। उसने केनरा बैंक खाते में 4.11 लाख रुपये घूस ली थी। ईडी की पूछताछ में उसने यह सच स्वीकार किया। राज्य सरकार उसे पहले ही बर्खास्त कर चुकी है। टोप्पो ने 103 एकड़ वन भूमि का फर्जी म्यूटेशन किया था।
Bokaro Land Scam: 1933 के फर्जी सेल सर्टिफिकेट पर किया खेल, खोल दी 1665 नंबर जमाबंदी
निर्मल कुमार टोप्पो 1996 बैच का प्रशासनिक अधिकारी है। वह चास अंचल में दो बार सीओ रहा। पहला कार्यकाल 2010 से 2013 तक रहा। दूसरी बार वह 2014 से 2016 तक पदस्थापित रहा। दूसरे कार्यकाल में उसने फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। साल 2012 में इजहार अंसारी ने आवेदन दिया। उसने 103 एकड़ जमीन की जमाबंदी मांगी। साथ में 1933 का पुराना सेल सर्टिफिकेट लगाया। इसमें समीर महतो द्वारा नीलामी में जमीन खरीदने का दावा था। टोप्पो ने मिलीभगत कर खेल कर दिया। उसने इजहार और अख्तर के नाम जमाबंदी 1665 खोल दी। साथ ही लगान रसीद भी जारी कर दी। इस दौरान बिचौलिया शैलेश सिंह और इजहार उससे मिले। दोनों ने चार-पांच बार मुलाकात की थी।
Bokaro Land Scam: भू-माफिया के खर्चे पर गए पुरुलिया, सरकारी अनुमति के बिना की थी संदिग्ध जांच
टोप्पो नीलामी दस्तावेज की जांच के लिए तीन बार पुरुलिया गया था। उसने सरकार को इस यात्रा की सूचना नहीं दी। उसने सरकार से यात्रा भत्ता भी नहीं लिया। साफ है कि वह भू-माफिया के खर्चे पर गया था। वहां रजिस्ट्री दफ्तर में उसने खानापूर्ति की। उसने सिर्फ एक रजिस्टर देखा। इसमें 1933 के दस्तावेज का जिक्र था। उसने इंडेक्स-I, इंडेक्स-II या थम्ब रजिस्टर नहीं देखे। उसने वहां के वरीय अधिकारियों से भी बात नहीं की। पूरी जांच महज एक दिखावा थी।
केनरा बैंक खाते में नकद जमा हुई घूस की रकम, जांच समिति की रिपोर्ट पर हुई थी बर्खास्तगी
ईडी की जांच में टोप्पो के केनरा बैंक खाते में 4.11 लाख रुपये नकद जमा मिले। पूछताछ में उसने माना कि यह घूस का पैसा था। खाते में दो और संदिग्ध जमा राशियां मिलीं। एक 50 हजार और दूसरी 49 हजार की थी। इसके बारे में वह कोई जवाब नहीं दे सका। बैंक रिकॉर्ड से बड़ा खुलासा हुआ। यह रकम नईम अख्तर ने जमा कराई थी। शिकायत मिलने पर राज्य सरकार ने जांच समिति बनाई थी। समिति ने टोप्पो को दोषी पाया। इसके बाद सरकार ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया।
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