चुटूपालू और चरही घाटी में हादसों पर लगेगी लगाम, पहाड़ काटकर तैयार होगा 5.99 किमी नया रास्ता
Chutupalu Valley Road: रांची-हजारीबाग रूट पर सड़क हादसे रोकने का बड़ा फैसला हुआ है। एनएचएआई ने दोनों जानलेवा घाटियों में नई सड़क का फैसला लिया है। एनएच-20 स्थित चुटूपालू और चरही में नई फोरलेन सड़क बनेगी। यह सड़क मौजूदा मार्ग के बगल में नए अलाइनमेंट पर बनेगी। परियोजना पर कुल 239 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने राशि मंजूर कर दी है। एनएचएआई रांची ने परियोजना की विस्तृत डीपीआर बना ली है। अब निविदा निकालकर निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इस पहल से दोनों घाटियों में सड़क हादसों पर रोक लगेगी।
Chutupalu Valley Road: ढलान नियंत्रित करने और ब्लैक स्पॉट खत्म करने पर रहेगा फोकस
नई सड़क के निर्माण में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रहेगा। सड़क के निर्माण में ढलान नियंत्रित करने पर मुख्य जोर रहेगा। नए रास्ते में कहीं भी कोई तीखा मोड़ नहीं होगा। सड़क पर किसी भी हाल में ब्लैक स्पॉट नहीं बनेगा। चुटूपालू घाटी में ढलान से वाहनों के ब्रेक फेल होते थे। इस वजह से हर महीने कई लोगों की मौत होती थी। नई सड़क में चढ़ान और ढलान को मानक अनुरूप बनाया जाएगा। इससे भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित होगी। सुरक्षित रास्ता बनने से यात्रियों का सफर भी सुगम होगा।
Chutupalu Valley Road: पहाड़ काटने और फॉरेस्ट क्लीयरेंस बड़ी चुनौती
स्वीकृत परियोजना के तहत कुल 5.99 किलोमीटर सड़क बनेगी। मौजूदा सड़क के बगल में पहाड़ काटकर नया रास्ता बनेगा। दोनों घाटियों में शुरू से अंत तक नया फोरलेन बनेगा। पहाड़ काटने के लिए वन भूमि की मंजूरी लेनी होगी। परियोजना के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस हासिल करना बड़ी चुनौती है। वन विभाग से जरूरी मंजूरी मिलने पर निर्माण तेज होगा। एनएचएआई के अधिकारी वन क्लीयरेंस की प्रक्रिया में जुटे हैं। सभी वैधानिक मंजूरियां मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। स्थानीय प्रशासन ने भी पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।
रंबल स्ट्रिप और अप-रैंप के बाद भी नहीं रुके थे हादसे
एनएचएआई ने घाटियों में हादसे रोकने को कई उपाय किए थे। वाहनों की गति थामने के लिए जगह-जगह रंबल स्ट्रिप लगे थे। घाटी में वाहनों की अधिकतम गति सीमा 40 किमी तय थी। तेज रफ्तार वाहनों को पकड़ने के लिए कैमरे लगाए गए थे। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की जांच को ब्रेथ एनालाइजर थे। इसके अलावा पूरी घाटी में रोशनी की पुख्ता व्यवस्था थी। ब्रेक फेल वाहनों को रोकने के लिए अप-रैंप बना था। तमाम उपायों के बाद भी ब्रेक फेल से हादसे होते रहे। आखिरकार नई वैकल्पिक फोरलेन सड़क को ही स्थायी समाधान माना गया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद संजय सेठ को दी मंजूरी की जानकारी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पत्र लिखकर यह जानकारी दी है। उन्होंने रांची के सांसद संजय सेठ को स्वीकृति से अवगत कराया है। सांसद संजय सेठ ने इस स्वीकृति पर केंद्र का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि नई सड़क से अनगिनत लोगों की जान बचेगी। दोनों घाटियों के हादसों में कई परिवार तबाह हो रहे थे। नई वैकल्पिक सड़क से रांची-हजारीबाग कनेक्टिविटी बहुत बेहतर होगी। वाहन चालकों को जाम और हादसों से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी। क्षेत्र की जनता ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
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