Ranchi News: परीक्षा में फर्जीवाड़े और अभ्यर्थियों से सेटिंग कराने के आरोपों पर जांच तेज; कई अन्य बड़े नामों के सामने आने की संभावना
Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में हुई कथित धांधली और फर्जीवाड़े के मामले में आपराधिक अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में नामजद आरोपी कोचिंग संचालक रवि कुमार को सीआईडी ने अदालत की अनुमति के बाद दो दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान सीआईडी की टीम आरोपी से घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं, वित्तीय लेन-देन और परीक्षा प्रक्रिया में अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े अहम बिंदुओं पर सघन पूछताछ कर रही है।
परीक्षा में गड़बड़ी और सिंडिकेट में भूमिका पर सीआईडी की नजर
जांच एजेंसी सीआईडी आरोपी रवि कुमार से मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल कर रही है कि परीक्षा में OMR शीट में हेरफेर या परिणाम प्रभावित करने में उसकी क्या भूमिका थी। साथ ही, इस फर्जीवाड़े में आयोग के कौन-कौन से अधिकारी, कर्मचारी या अन्य बिचौलिए शामिल थे, इसको लेकर भी सुराग जुटाए जा रहे हैं। सीआईडी के अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान पूछताछ से कई ऐसे अहम तथ्य और साक्ष्य सामने आने की उम्मीद है, जिससे परीक्षा फर्जीवाड़ा सिंडिकेट का पूरा नेटवर्क उजागर हो सकेगा।
घोटाले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की हो रही जांच
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी नियुक्ति परीक्षा मामले में सीआईडी द्वारा लगातार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर सीआईडी कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जुटा चुकी है। जांच एजेंसी इस बात का भी ब्योरा खंगाल रही है कि अभ्यर्थियों से कितनी राशि वसूली गई थी और इस अवैध रकम का बंटवारा किन-किन लोगों के बीच किया गया। सीआईडी की इस सख्त कार्रवाई से फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य आरोपियों में भी हड़कंप मच गया है।


