संपत्ति विवाद में खूनी संघर्ष, सेक्टर-9डी स्थित घर में घुसकर वारदात को दिया अंजाम; आरोपी संतोष प्रसाद गिरफ्तार
Bokaro Attack: बोकारो में संपत्ति विवाद को लेकर पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर-9डी, स्ट्रीट-36 में एक व्यक्ति ने अपनी भाभी और भतीजे पर भुजाली से हमला कर दिया। इस हमले में सरोज देवी और उनके बेटे अमन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की पहचान संतोष प्रसाद के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
Bokaro Attack: सुबह-सुबह घर में घुसकर किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, घटना सुबह के समय हुई। उस वक्त सरोज देवी अपने घर में झाड़ू लगा रही थीं। परिवार के लोग रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे। इसी दौरान संतोष प्रसाद कथित तौर पर घर में घुस आया। उसने आते ही अपने भतीजे अमन कुमार पर भुजाली से हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से अमन को संभलने का मौका नहीं मिला। उसकी चीख-पुकार सुनकर मां सरोज देवी बेटे को बचाने के लिए आगे आईं। आरोप है कि इस दौरान संतोष ने उन पर भी भुजाली से कई वार कर दिए। हमले में सरोज देवी के सिर पर चोट आई। वहीं, अमन की पीठ पर भुजाली से वार किया गया। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए।
Bokaro Attack: दोनों घायलों का बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा इलाज
हमले में घायल मां-बेटे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों को बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि सरोज देवी के सिर में गंभीर चोट आई है। अमन कुमार की पीठ पर भी गहरे जख्म हुए हैं। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का उपचार चल रहा है।
दूसरी ओर, आरोपी संतोष प्रसाद को भी मामूली चोटें आने की बात सामने आई है। पुलिस ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, घायलों की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
चास के यदुवंश नगर से जुड़ा है पारिवारिक विवाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवार मूल रूप से चास के यदुवंश नगर के रहने वाले हैं। संतोष प्रसाद और उसके बड़े भाई मिथलेश प्रसाद के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि संतोष के डर से मिथलेश प्रसाद अपने परिवार के साथ सेक्टर-9डी, स्ट्रीट-36 में रहने लगे थे।
परिवार के बीच संपत्ति को लेकर विवाद होने की बात कही जा रही है। इसी विवाद ने अब हिंसक रूप ले लिया। हालांकि, संपत्ति को लेकर विवाद की वास्तविक प्रकृति क्या है और किस संपत्ति पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
एक साल पहले भी बड़े भाई पर हमले का आरोप
इस मामले में एक पुराना घटनाक्रम भी सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, करीब एक साल पहले संतोष प्रसाद ने अपने बड़े भाई मिथलेश प्रसाद पर भी भुजाली से हमला किया था। उस घटना में मिथलेश घायल हुए थे। मामले में संतोष को जेल भी जाना पड़ा था।
इसके अलावा, संतोष प्रसाद पर अपने पिता की हत्या का भी आरोप होने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है। हालांकि, इस पुराने मामले की प्राथमिकी, न्यायिक स्थिति और आरोपों से जुड़े विस्तृत दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए पुराने मामलों में उसकी भूमिका और कानूनी स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
डीएसपी राजीव रंजन ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
घटना को लेकर सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि आरोपी संतोष प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अब घटना के पीछे की परिस्थितियों और पारिवारिक विवाद के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
जांच के दौरान घायलों के बयान भी महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई। आरोपी घर में किस परिस्थिति में पहुंचा और हमले के समय वहां कौन-कौन मौजूद था, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
संपत्ति विवाद में हिंसा, परिवार की सुरक्षा बना बड़ा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक संपत्ति विवाद के हिंसक रूप लेने की समस्या को सामने ला दिया है। जमीन और मकान के बंटवारे को लेकर परिवारों में मतभेद होना नई बात नहीं है। लेकिन विवाद का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए। हथियार उठाकर परिवार के सदस्यों पर हमला करना गंभीर अपराध है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी गिरफ्तार हो चुका है। सरोज देवी और अमन कुमार का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस की जांच और घायलों के बयान के बाद घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। अब देखना होगा कि जांच में संपत्ति विवाद के अलावा कोई अन्य वजह भी सामने आती है या नहीं।


