- चूना पत्थर भंडार खत्म होने और बढ़ती उत्पादन लागत के कारण एसीसी प्रबंधन ने लिया फैसला, 74 कर्मचारियों की नौकरी पर असर
Jharkhand: पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित एसीसी लिमिटेड के ऐतिहासिक चाईबासा सीमेंट वर्क्स को बंद करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्ष 1946 से संचालित यह प्रतिष्ठित सीमेंट संयंत्र आगामी 16 अगस्त 2026 से पूरी तरह बंद हो जाएगा। कंपनी प्रबंधन ने इस संबंध में 15 जून 2026 को भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत निर्धारित प्रपत्र-13 में बंदी की सूचना भेज दी है।
80 वर्षों से चल रहा था संयंत्र
चाईबासा सीमेंट वर्क्स कोल्हान क्षेत्र के सबसे पुराने औद्योगिक प्रतिष्ठानों में से एक माना जाता है। पिछले लगभग आठ दशकों से यह संयंत्र क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार का प्रमुख स्रोत रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि क्षेत्र की औद्योगिक विरासत और पहचान का प्रतीक भी रहा है।
Jharkhand News: प्लांट बंद करने का निर्णय क्यों लिया गया?
कंपनी द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि संयंत्र को संचालित करने के लिए आवश्यक चूना पत्थर (लाइमस्टोन) का भंडार लगभग समाप्त हो चुका है। इसके अलावा क्लिंकर उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है और लगभग 80 वर्ष पुराने प्लांट की तकनीकी क्षमता वर्तमान औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रह गई है। इन कारणों से उत्पादन को आर्थिक रूप से जारी रखना संभव नहीं रहा। कंपनी ने इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए संयंत्र को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।
74 कर्मचारियों की सेवाएं होंगी समाप्त
प्लांट बंद होने का सबसे बड़ा असर यहां कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ेगा। कंपनी के अनुसार, संयंत्र में कार्यरत 74 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। हालांकि प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रभावित कर्मचारियों को औद्योगिक संबंध संहिता और अन्य लागू श्रम कानूनों के तहत निर्धारित मुआवजा, नोटिस वेतन और अन्य वैधानिक लाभ दिए जाएंगे।
Jharkhand News: कर्मचारियों को मिलेगा मुआवजा और अन्य लाभ
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को नोटिस अवधि के बदले एक माह का वेतन तथा अन्य सभी वैधानिक लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे। कंपनी ने कहा है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद सभी भुगतान नियमानुसार किए जाएंगे ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रम विभाग और यूनियनों को भेजी गई सूचना
एसीसी प्रबंधन ने बंदी संबंधी सूचना क्षेत्र के उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय), मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठनों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को भी भेज दी है। कंपनी ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया है कि प्लांट बंदी से संबंधित मामला वर्तमान में किसी न्यायालय में लंबित नहीं है।
Jharkhand News: स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि चाईबासा सीमेंट वर्क्स के बंद होने से केवल कर्मचारियों और उनके परिवारों पर ही असर नहीं पड़ेगा, बल्कि आसपास के छोटे व्यापारियों, परिवहन व्यवसाय, ठेका श्रमिकों और स्थानीय बाजार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। कई दशकों से यह संयंत्र क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का महत्वपूर्ण स्रोत रहा है।
क्षेत्र में चिंता और अनिश्चितता का माहौल
प्लांट बंद होने की खबर सामने आने के बाद कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के बीच चिंता का माहौल है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि संयंत्र बंद होने के बाद क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।



