- इलाज के दौरान महिला मरीज की मौत से मचा हड़कंप
Hazaribagh: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SBMCH) में इलाज के दौरान एक थैलेसीमिया (Thalassemia) पीड़ित महिला की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मृतका की पहचान शिवपुरी निवासी सरिता कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने SBMCH में थैलेसीमिया मरीज की मौत के बाद अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए अस्पताल आई थी मरीज
जानकारी के अनुसार सरिता कुमारी लंबे समय से थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित थीं और नियमित रूप से अस्पताल में ब्लड चढ़वाने आती थीं। गुरुवार सुबह भी उन्हें ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
Hazaribagh News: समय पर ऑक्सीजन नहीं देने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि मरीज का ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा था, लेकिन कई बार आग्रह करने के बावजूद समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराया गया। मृतका के पति मनजीत कुमार ने कहा कि डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मरीज की गंभीर हालत को नजरअंदाज किया। उनका आरोप है कि बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के ही मरीज को एक्स-रे के लिए भेज दिया गया, जहां ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।
अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना में SBMCH में थैलेसीमिया मरीज की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने दावा किया कि मरीज को समय पर खून भी नहीं चढ़ाया गया था। घटना के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. राजकिशोर ने प्रथम दृष्टया अस्पताल की ओर से चूक होने की बात स्वीकार की और परिवार को लिखित शिकायत देने की सलाह दी।
जांच के आदेश, कर्मचारियों से मांगा जा सकता है जवाब
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। जानकारी के अनुसार ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Hazaribagh News: पहले भी लग चुके हैं लापरवाही के आरोप
यह पहला मामला नहीं है जब SBMCH पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगे हों। इससे पहले भी अस्पताल में इलाज के दौरान कथित गलत इंजेक्शन देने और मेडिकल स्टाफ की लापरवाही के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



