- धातकीडीह में जुटे झारखंड भर के प्रतिभागी, 10 मई तक चलेगी प्रतियोगिता
Jharkhand: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित धातकीडीह में गुरुवार से राज्य स्तरीय कबूतरबाज़ी प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। इस प्रतियोगिता में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर सुबह से ही कबूतर प्रेमियों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।
10 मई तक चलेगी प्रतियोगिता
यह प्रतियोगिता 10 मई तक जारी रहेगी। इसके बाद 15 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे और 16 मई को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। आयोजन में Jamshedpur Fly Association से जुड़े करीब 30 सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ऐसे तय होगा विजेता
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रतिभागी एक साथ आठ कबूतर उड़ाते हैं। जो कबूतर सबसे अधिक समय तक आसमान में उड़ान बनाए रखता है, उसी के आधार पर विजेता का चयन किया जाता है।
- प्रथम पुरस्कार: ₹50,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹30,000
प्रतिभागियों में दिखा उत्साह
प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी उस्मान भाई ने बताया कि उन्होंने अपने आठ जोड़े कबूतर प्रतियोगिता में उतारे हैं और उन्हें अपने कबूतरों की उड़ान क्षमता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पारंपरिक शौक को जीवित रखने के साथ-साथ आपसी मेलजोल और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हैं।
आयोजकों की क्या है राय
आयोजन से जुड़े सलीम मामा, मुन्ना और अन्य सदस्यों ने बताया कि यह प्रतियोगिता विभिन्न क्लबों के सहयोग से आयोजित की जाती है। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन समाज में पारंपरिक खेलों को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पुरानी परंपरा से जुड़ा खेल
कबूतरबाज़ी की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है और इसका संबंध राजाओं-महाराजाओं के दौर से रहा है। उस समय यह शौक शान और मनोरंजन का प्रतीक माना जाता था। आज भी यह परंपरा समाज के कुछ वर्गों में जीवित है और युवा पीढ़ी भी इसमें रुचि दिखा रही है।



