Bengal Assembly Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (Bengal Assembly Election 2026) के दूसरे और निर्णायक चरण में मतदाताओं ने एक बार फिर अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए लोकतंत्र के पर्व को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Election) में राजधानी कोलकाता (Kolkata) सहित दक्षिण बंगाल के सात जिलों की 142 सीटों पर हुए इस मतदान में शाम पांच बजे तक लगभग 89.99 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। पहले चरण में हुए ऐतिहासिक मतदान के बाद दूसरे चरण में भी ‘बंपर’ वोटिंग ने राजनीतिक (Political) गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के आंकड़ों के अनुसार, पूर्व बर्धमान जिले ने 92.46 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक मतदान (Vote) का रिकॉर्ड बनाया, जबकि कोलकाता दक्षिण में सबसे कम 86.11 प्रतिशत मतदान हुआ। अन्य जिलों जैसे हुगली में 90.34, नदिया में 90.27 और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में भी करीब 90 प्रतिशत के आसपास मतदान हुआ है।
दिग्गज उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद | Bengal Assembly Election 2026
इस अंतिम चरण में कुल 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में सुरक्षित हो गया है। इस बार का सबसे बड़ा मुकाबला भवानीपुर (Bhawanipur) सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) सीधे आमने-सामने हैं। इसके अलावा ममता सरकार के दिग्गज मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप बिश्वास और शशि पांजा के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार और माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी जैसे कई ‘हैवीवेट’ चेहरों की साख दांव पर लगी है। विशेष रूप से आरजी कर घटना की शिकार डॉक्टर की मां (RG Kar Doctor Mother) रत्ना देवनाथ और संदेशखाली आंदोलन की प्रमुख चेहरा रेखा पात्र ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर इस चुनाव को और भी अधिक संवेदनशील और चर्चा का केंद्र बना दिया है।
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अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए थे जो बंगाल के चुनावी इतिहास में विरले ही दिखते हैं। केंद्रीय बलों की 2,231 कंपनियां, यानी करीब दो लाख से अधिक जवानों को तैनात किया गया था। अकेले कोलकाता में ही 274 कंपनियां सुरक्षा की कमान संभाले हुए थीं। राज्य पुलिस के 40 हजार जवानों के साथ-साथ एनआईए (NIA) जैसी एजेंसियां भी पूरे दिन स्थिति पर पैनी नजर बनाए रहीं। पूर्व बर्धमान और हुगली जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुरक्षा बलों की सैकड़ों कंपनियां तैनात की गई थीं ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
सुरक्षा के बावजूद कई इलाकों में हिंसक झड़पें और तनाव | Bengal Assembly Election 2026
कड़े पहरे के बावजूद कई क्षेत्रों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आती रहीं। नदिया के चापड़ा में भाजपा एजेंट मुशर्रफ मीर पर हमले की घटना हुई, तो वहीं भवानीपुर के कालीघाट में शुभेंदु अधिकारी के दौरे के दौरान तृणमूल और भाजपा समर्थक आपस में भिड़ गए। वहां ‘चोर-चोर’ और ‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में भी आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दिकी के विरोध को लेकर भारी तनाव देखा गया। डायमंड हार्बर के फलता में ईवीएम बटनों पर टेप चिपकाए जाने के गंभीर आरोप भी लगे, जिसे लेकर भाजपा ने तृणमूल पर निशाना साधते हुए पुनर्मतदान की मांग की है।
ईवीएम में तकनीकी खराबी और मतदान में विलंब
हावड़ा, बारासात, कल्याणी और शांतिपुर सहित कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आने के कारण मतदान निर्धारित समय से देरी से शुरू हुआ। कोलकाता के चारुचंद्र कॉलेज में खुद प्रसिद्ध अभिनेता चिरंजीत चक्रवर्ती को तकनीकी समस्या के चलते मतदान करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि, इन बाधाओं के बावजूद मतदाताओं की कतारें कम नहीं हुईं और शाम होते-होते वोटिंग का आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच गया। विपक्षी दलों ने कई जगहों पर अपने एजेंटों को रोकने का आरोप भी लगाया, जिस पर पुलिस और आयोग ने त्वरित कार्रवाई की बात कही है।
ममता बनर्जी के आरोप और शुभेंदु अधिकारी का पलटवार | Bengal Assembly Election 2026
मतदान के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चरम पर रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुबह ही बूथों का निरीक्षण किया और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि बाहरी पर्यवेक्षक भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे अदालत की अवमानना बताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी ने ममता पर तंज कसते हुए कहा कि वे हार के डर और दबाव में आकर सुबह से ही सड़कों पर घूम रही हैं। शुभेंदु ने भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री की 30 हजार मतों से हार का दावा करते हुए अपनी जीत के प्रति पूर्ण विश्वास जताया। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं कि यह बंपर वोटिंग सत्ता की वापसी कराएगी या परिवर्तन का नया अध्याय लिखेगी।
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