- जेमिपोल लिमिटेड की प्रबंध निदेशक स्वास्तिका बसु ने शिक्षण प्रणाली में ‘वैल्यू इंजीनियरिंग’ को शामिल करने की आवश्यकता को किया रेखांकित
Arka Jain University : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित अरका जैन विश्वविद्यालय (Arka Jain University) में वैल्यू इंजीनियरिंग के जनक लॉरेंस डी. माइल्स की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर एक वैल्यू इंजीनियरिंग संगोष्ठी (Value Engineering Seminar) का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का आयोजन सेंटर फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग एंड ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट (Center for Capacity Building and Human Resource Development) की ओर से इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) व अरका क्वालिटी मैनेजमेंट क्लब (AQMC) के सहयोग से, इंडियन वैल्यू इंजीनियरिंग सोसाइटी – ईस्टर्न जोनल काउंसिल (Indian Value Engineering Society – Eastern Zonal Council) के साथ मिलकर किया गया।
एजेयू-आईवीईएस के साथ एमओयू
संगोष्ठी के दौरान अरका जैन विश्वविद्यालय (AJU) और इंडियन वैल्यू इंजीनियरिंग सोसाइटी (IVES) के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर रहा, जो इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। इस समझौते का उद्देश्य अकादमिक और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देना, अनुसंधान को प्रोत्साहित करना तथा वैल्यू इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं विकास गतिविधियों को सशक्त बनाना है।
शिक्षण और अनुसंधान प्रणाली में शामिल किया जाना चाहिए वैल्यू इंजीनियरिंग : स्वास्तिका बसु
संगोष्ठी की मुख्य अतिथि, इंडियन वैल्यू इंजीनियरिंग सोसाइटी – ईस्टर्न जोनल काउंसिल की चेयरपर्सन व जेमिपोल लिमिटेड (JAMIPOL Ltd.) की प्रबंध निदेशक स्वास्तिका बसु (Swastika Basu) थीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वैल्यू इंजीनियरिंग केवल लागत कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी सोच है जो नवाचार और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग को बढ़ावा देती है। शैक्षणिक संस्थानों को इसे अपने शिक्षण और अनुसंधान प्रणाली में शामिल करना चाहिए।

वर्तमान परिवेश में वैल्यू इंजीनियरिंग आवश्यक : डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव
अरका जैन विश्वविद्यालय के निदेशक सह कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शैक्षणिक गतिविधियों में वैल्यू इंजीनियरिंग को शामिल करने से छात्रों में समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी, जो वर्तमान पेशेवर परिवेश में अत्यंत आवश्यक है।
प्रतिकुलपति डॉ. अंगद तिवारी ने किया विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित
प्रतिकुलपति डॉ. अंगद तिवारी ने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय की उद्योगोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों व शिक्षकों में नवाचार एवं उत्कृष्टता की संस्कृति विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। संयुक्त कुलसचिव डॉ. जसबीर धनजल ने कहा कि यह एमओयू कौशल विकास, उद्योग अनुभव और सहयोगात्मक गतिविधियों के नए अवसर प्रदान करेगा, जिससे विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि होगी।

विशेषज्ञों ने की केस स्टडी पर चर्चा
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों द्वारा पैनल चर्चा का आयोजन भी किया गया, जिसमें सर्टिफाइड वैल्यू स्पेशलिस्ट आलोक घोषाल, अमित घोष, अरुण कुमार भटनागर और रमन झा ने अपने व्यावहारिक अनुभव एवं केस स्टडी के माध्यम से वैल्यू इंजीनियरिंग के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अरविंद कुमार पांडेय, डॉ. चारु वाधवा, डॉ. उर्वशी ठाकुर एवं डॉ. अश्विनी कुमार थे। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह संगोष्ठी अरका जैन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और क्षमता निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।



