- वैदिक मंत्रोच्चार और परंपराओं के साथ शुरू हुए दर्शन
Kedarnath Temple Opening 2026 (Rudrapryag) : आस्था और भक्ति के दिव्य वातावरण के बीच पंचकेदारों में प्रमुख तुंगनाथ मंदिर के कपाट बुधवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से पूरा धाम गूंज उठा और इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। समुद्र तल से लगभग 12,073 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस तृतीय केदार धाम को कपाट उद्घाटन के अवसर पर पांच क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे मंदिर परिसर की दिव्यता और बढ़ गई।
विशेष पूजा-अर्चना के बाद जागृत हुए भगवान तुंगनाथ
कपाट खुलने से पूर्व मैठाणी पुजारियों द्वारा बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों की उपस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इसके बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया गया। विधिवत शृंगार और जलाभिषेक के साथ श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए।
चोपता से पहुंची डोली, परंपरानुसार हुई परिक्रमा
इससे पहले भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली चोपता से मंदिर पहुंची। मंदिर परिसर में परिक्रमा के बाद डोली को पार्वती मंदिर में विराजमान कराया गया। परंपराओं का पालन करते हुए पुष्प और अक्षत अर्पित कर शिवलिंग को जागृत किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए।
श्रद्धालुओं ने मांगी सुख-समृद्धि की कामना
कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर अपने और अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। धाम में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस पावन अवसर पर पूर्व विधायक मनोज रावत, जिला पंचायत सदस्य प्रीति पुष्पवाण, कथावाचक आचार्य लंबोदर प्रसाद मैठाणी, नव निर्वाचित मठाधीश मुकेश मैठाणी और पूर्व मठापति रामप्रसाद मैठाणी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
इसे भी पढ़ें : West Bengal Election 2026 Bike Ban : बंगाल विधानसभा चुनाव में बाइक पर प्रतिबंध का मामला पहुंचा कोलकाता हाई कोर्ट



